Headlines

लुधियाना में मौजूदा कांग्रेस पार्षद पर FIR दर्ज:खुद को मालिक बताकर गरीब मजदूर को बेचा प्लॉट, हड़पे 2.27 लाख रुपये




लुधियाना में मौजूदा कांग्रेस पार्षद गुरमीत सिंह वासी मुंडियां कलां के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित मोती लाल की शिकायत पर पुलिस ने यह कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी पार्षद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS/IPC) की धारा 420 और रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 की धारा 82 के तहत एफआईआर (FIR No. 0169) दर्ज की है।
चाचा के जरिए हुआ था संपर्क और 4.48 लाख में तय हुआ था सौदा पीड़ित मोती लाल ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह एक प्लॉट खरीदना चाहता था। इस दौरान वह अपने चाचा किशन पाल के जरिए मौजूदा कांग्रेस पार्षद गुरमीत सिंह के संपर्क में आया, क्योंकि उसके चाचा ने भी गुरमीत से ताजपुर रोड स्थित उसके दफ्तर के माध्यम से एक प्लॉट खरीदा था। आरोपी गुरमीत ने उसे ताजपुर रोड पर अपनी एक कॉलोनी बताकर प्लॉट दिखाए और एक प्लॉट उसे पसंद आ गया। 5 फरवरी 2023 को दोनों के बीच 70 वर्ग गज के प्लॉट (नंबर 224) का इकरारनामा 6400 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से हुआ। इस प्लॉट का कुल सौदा 4,48,000 रुपये में तय हुआ था। 30 किश्तों में देने थे पैसे, अब तक दे चुका था 2.27 लाख सौदा तय होने के बाद मोती लाल ने गवाहों की मौजूदगी में गुरमीत सिंह को 1,00,000 रुपये नकद बतौर बयाना (अग्रिम राशि) दिए थे। बाकी की रकम 30 मासिक किश्तों में दी जानी थी और रजिस्ट्री के लिए 5 अगस्त 2025 की तारीख तय की गई थी। पीड़ित के अनुसार, वह अलग-अलग तारीखों पर आरोपी को कुल 2,27,600 रुपये दे चुका था। साल 2024 में जब उसने बकाया 2,20,400 रुपये का इंतजाम कर लिया और रजिस्ट्री करवाने को कहा, तो आरोपी आज-कल कहकर टालमटोल करने लगा। पड़ताल में सामने आया सच: असली मालिक कोई और लंबे समय तक जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो पीड़ित ने अपने स्तर पर जांच की। जांच में पता चला कि गुरमीत सिंह उस जमीन का असली मालिक है ही नहीं। जमीन के असली मालिक इंदरजीत सिंह और उनकी पत्नी सुखजिंदर कौर हैं। असल में गुरमीत सिंह का असली मालिकों के साथ सौदा हुआ था, लेकिन शर्तें पूरी न होने और पैसे न देने के कारण 17 अप्रैल 2020 को तय हुई रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। इसके बावजूद गुरमीत ने खुद को मालिक बताकर एक अनपढ़ प्रवासी मजदूर के साथ धोखा किया। पैसे मांगने पर दी गालियां और झूठे केस में फंसाने की धमकी जब मोती लाल को सच्चाई पता चली और उसने अपने पैसे वापस मांगे,तो आरोपी गुरमीत सिंह ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपी ने अपनी ऊंची पहुंच और बड़े पुलिस अफसरों के साथ उठने-बैठने का रौब दिखाते हुए पीड़ित को धमकाया कि अगर उसने पुलिस में शिकायत की तो उसे इसके बुरे नतीजे भुगतने पड़ेंगे और उल्टे झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। ADCP की जांच के बाद हुई FIR इस मामले की गहन जांच लुधियाना के ADCP (जोन-4) जशनदीप सिंह गिल द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि आरोपी गुरमीत सिंह को भली-भांति पता था कि उसके पास रजिस्ट्री करवाने का कोई अधिकार नहीं है, फिर भी उसने धोखाधड़ी करते हुए 2,27,600 रुपये हड़प लिए। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर के आदेश पर थाना जमालपुर में 7 जुलाई 2026 को यह मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की तफ्तीश ASI अनिल कुमार को सौंप दी गई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *