Headlines

कोलकाता कॉल सेंटर ठगी रैकेट का मास्टरमाइंड मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार:यूके नागरिकों का डेटा बेचता था अजय, भगवानपुर से दबोचा गया; 2 लैपटॉप, 3 मोबाइल जब्त




कोलकाता में अवैध कॉल सेंटर के जरिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) के नागरिकों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर रैकेट का तार अब मुजफ्फरपुर से जुड़ गया है। कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में मीनापुर थाना क्षेत्र के परसाद गांव निवासी अजय साव उर्फ जहनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अजय इस रैकेट का मास्टरमाइंड था और यूके के नागरिकों का डेटा कोलकाता के अवैध कॉल सेंटर को उपलब्ध कराता था। कोलकाता साइबर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर मानस गोस्वामी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर गुरुवार देर रात सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित रूपकला नगर से उसे गिरफ्तार किया। वह वहां किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार को उसे मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोलकाता पुलिस उसे 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई। लैपटॉप में मिला यूके नागरिकों का डेटा और कार्ड डिटेल्स पुलिस ने अजय के पास से दो लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में लैपटॉप में AnyDesk रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन, IBM VOIP कॉलिंग एप्लीकेशन, यूके नागरिकों का डेटा, कार्ड डिटेल्स और पेमेंट गेटवे से जुड़ी जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा कई फर्जी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को उसके पास से एक नोटबुक भी मिली है, जिसमें यूके के नागरिकों के मोबाइल नंबर दर्ज थे। तीन मोबाइल फोन से गिरोह के सदस्यों के साथ बातचीत और अन्य संदिग्ध डेटा के स्क्रीनशॉट मिले हैं। पुलिस ने चार वाई-फाई राउटर, एक डेस्कटॉप और मल्टीमीडिया हेडफोन भी जब्त किए हैं। 18 अगस्त की रेड से खुला था पूरा नेटवर्क कोलकाता पुलिस की संगठित साइबर अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि पुराने बालीगंज फर्स्ट लेन इलाके में एक कॉल सेंटर के जरिए यूके के नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके बाद 18 अगस्त को वहां छापेमारी की गई। रेड के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि शब्बीर नामक व्यक्ति कॉल सेंटर को तकनीकी मदद देता था और राउटर भी उसी ने उपलब्ध कराए थे। इसके बाद 19 अगस्त को शब्बीर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मुजफ्फरपुर का अजय साव उन्हें यूके के नागरिकों का डेटा उपलब्ध कराता था। इसी जानकारी के आधार पर कोलकाता पुलिस ने अजय की तलाश शुरू की और अंततः उसे भगवानपुर से गिरफ्तार कर लिया। यूके की टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बनकर करते थे ठगी पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य वीओआईपी यानी इंटरनेट कॉलिंग के जरिए यूके के नागरिकों को फोन करते थे। कॉल करने वाले खुद को वहां की नामी टेलीकॉम कंपनियों का अधिकारी बताते थे। तकनीकी सहायता, यूटिलिटी और अन्य सेवाओं के नाम पर लोगों को झांसा दिया जाता था। इसके बाद AnyDesk जैसे रिमोट एक्सेस माध्यम से पीड़ितों के कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, सिस्टम तक पहुंच मिलने के बाद खातों से रकम निकालने और उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने का काम किया जाता था। बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला नेटवर्क पूछताछ में अजय ने अपने कई सहयोगियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार बिहार और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों तक फैले हैं। कोलकाता पुलिस अब जब्त लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर पूरे नेटवर्क, डेटा के स्रोत और ठगी से जुड़े लेन-देन का पता लगाने में जुटी है। पुलिस की जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि यूके नागरिकों का डेटा अजय तक कैसे पहुंचता था और वह कितने समय से इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क को डेटा उपलब्ध करा रहा था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *