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खगड़िया में नदियों के जलस्तर को लेकर रविवार शाम 6 बजे जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट में मिली-जुली स्थिति सामने आई है। बागमती और कोसी नदी का जलस्तर पिछले 12 घंटों में बढ़ा है, जबकि बूढ़ी गंडक और गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, जिले की चारों प्रमुख नदियां अब भी ऊंचे जलस्तर पर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 12 घंटों में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज शाम 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, बागमती नदी का जलस्तर 36.20 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले 12 घंटों में 5 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। इसका उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 38.93 मीटर है। इसी तरह, कोसी नदी 34.62 मीटर पर बह रही है और इसके जलस्तर में पिछले 12 घंटों में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। कोसी का उच्चतम बाढ़ स्तर 36.40 मीटर है। बूढ़ी गंडक का जलस्तर 36.90 मीटर दर्ज इसके विपरीत, बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 36.90 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले 12 घंटों में 4 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। इसका उच्चतम बाढ़ स्तर 39.22 मीटर है। गंगा नदी 34.89 मीटर पर बह रही है और इसके जलस्तर में भी पिछले 12 घंटों में 9 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 36.34 मीटर है। गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा गया। रविवार सुबह की रिपोर्ट में गंगा के जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई थी, जबकि शाम की रिपोर्ट में इसमें 9 सेंटीमीटर की गिरावट सामने आई। वहीं, कोसी और बागमती नदियों में शाम तक बढ़ोतरी दर्ज होने के कारण निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाना आवश्यक हो गया है। निचले इलाकों में पहुंच चुका है पानी लगातार ऊंचे जलस्तर के कारण जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। परबत्ता प्रखंड की माधवपुर पंचायत, कवेला पंचायत के जागृति टोला, भरतखंड के बुद्ध नगर एवं विकास नगर, दरियापुर भेलवा के वार्ड नंबर-6 और तेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला में पानी पहुंचने से लोग प्रभावित हैं। खेत-खलिहानों में पानी भरने से किसानों की परेशानी बढ़ी है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसल के प्रभावित होने की सूचना है।
11 जगहों पर चल रहीं निःशुल्क नावें बाढ़ के पानी के कारण आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए जिले में 11 महत्वपूर्ण स्थानों पर निःशुल्क नावों का परिचालन कराया जा रहा है। प्रभारी आपदा पदाधिकारी कौशिकी कश्यप ने बताया कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन की नजर विशेष रूप से निचले इलाकों और प्रभावित पंचायतों पर है। किसानों को फसल और पशुधन को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर में फिर वृद्धि होने की स्थिति में बाढ़ का दायरा और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
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खगड़िया में कोसी-बागमती का जलस्तर बढ़ा:गंगा-बूढ़ी गंडक में गिरावट, चारों नदियां अब भी उफान पर; प्रशासन अलर्ट
