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300 किमी दूर से जयपुर पहुंचे धीरज, एसडीपी डोनेशन किया:14 साल के बच्ची की प्लेटलेट्स घटकर 9 हजार रह गई थी




चित्तौड़गढ़ के बेगूं क्षेत्र के हरिपुरा गांव की 14 वर्षीय पायल धाकड़ के इलाज के दौरान जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में प्लेटलेट्स तेजी से घटकर केवल 9 हजार रह गईं। डॉक्टरों ने तुरंत एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) की जरूरत बताई, लेकिन परिवार काफी प्रयास के बाद भी बी पॉजिटिव ग्रुप का उपयुक्त डोनर नहीं जुटा सका। ऐसे मुश्किल समय में टीम जीवनदाता चित्तौड़गढ़ के संस्थापक धीरज धाकड़ करीब 300 किलोमीटर का सफर तय कर जयपुर पहुंचे और प्लेटलेट्स दान किए। इससे बच्ची के इलाज में जरूरी मदद मिल सकी और परिजनों ने राहत की सांस ली। कई कोशिशों के बाद भी नहीं मिला डोनर पायल का इलाज एसएमएस हॉस्पिटल में चल रहा था। प्लेटलेट्स लगातार कम होने से डॉक्टरों ने जल्द एसडीपी डोनेशन कराने की सलाह दी। परिवार ने अपने स्तर पर डोनर तलाशना शुरू किया। एक परिजन का ब्लड ग्रुप मिलने पर उसे भी जयपुर बुलाया गया, लेकिन मेडिकल जांच के बाद वह एसडीपी डोनेट करने के लिए फिट नहीं पाए गए। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। समय निकलता जा रहा था और बच्ची के इलाज के लिए जल्द प्लेटलेट्स की जरूरत थी। इसी दौरान परिजनों ने टीम जीवनदाता चित्तौड़गढ़ के संस्थापक धीरज धाकड़ से संपर्क कर पूरी स्थिति बताई और मदद मांगी। सूचना मिलते ही जयपुर के लिए रवाना हुए बच्ची की हालत की जानकारी मिलते ही धीरज धाकड़ ने बिना देर किए अपने गांव आंवलहेड़ा, बेगूं से जयपुर के लिए रवाना होने का फैसला किया। करीब 300 किलोमीटर की दूरी तय कर वे हॉस्पिटल पहुंचे। वहां जरूरी मेडिकल जांच के बाद उन्हें एसडीपी डोनेशन के लिए उपयुक्त पाया गया। इसके बाद उन्होंने प्लेटलेट्स दान किए। समय पर प्लेटलेट्स मिलने से डॉक्टरों को इलाज आगे बढ़ाने में मदद मिली और परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों ने कहा कि जब उन्हें कहीं से कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था, तब इस मदद ने सबसे मुश्किल समय में उनका साथ दिया। पहले भी कई बार कर चुके हैं रक्तदान धीरज धाकड़ अब तक 21 बार रक्तदान और चार बार एसडीपी डोनेशन कर चुके हैं। उनका कहना है कि रक्तदान और प्लेटलेट्स दान जरूरतमंद मरीजों के इलाज में सीधी मदद करते हैं और स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर इसके लिए आगे आना चाहिए। इस मौके पर टीम जीवनदाता के सदस्य एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित धाकड़, रामनिवास धाकड़, भेरू धाकड़ और श्याम धाकड़ सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।



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