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महोबा के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव से 29 अगस्त से लापता 70 वर्षीय कन्हैया लाल के मामले में सोमवार सुबह नया मोड़ आ गया। गांव के बाहर बिरमा नदी के किनारे उनके कपड़े और मोबाइल फोन लावारिस हालत में मिले। सूचना पर पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और नदी में सघन तलाश अभियान शुरू किया। करीब तीन घंटे तक नदी के बड़े हिस्से को खंगाला गया, लेकिन बुजुर्ग का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका। कन्हैया लाल पुत्र कसिया 29 अगस्त को रक्षाबंधन के दूसरे दिन घर से निकले थे। शुरुआत में परिजनों ने उनकी गुमशुदगी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं की, क्योंकि कन्हैया लाल को कीर्तन-भजन का शौक था और वह अक्सर दो-तीन दिनों के लिए घर से बाहर चले जाते थे।
समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के बाहर बिरमा नदी के किनारे उनके कपड़े और मोबाइल फोन पड़े देखे। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई, जिसके बाद उन्होंने पनवाड़ी थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी के गहरे पानी में तलाश अभियान शुरू कराया। गांव के प्रधान प्रतिनिधि शेखर वर्मा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और पुलिस व गोताखोरों के साथ तलाश में सहयोग किया।
करीब तीन घंटे तक नदी में तलाश के बावजूद कन्हैया लाल का कोई पता नहीं चला। पुलिस ने नदी किनारे मिले कपड़ों और मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिवार में बुजुर्ग की एक बेटी और दो शादीशुदा बेटे हैं। घटना के बाद से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस फिलहाल बुजुर्ग की तलाश के साथ मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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