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सुकमा जिले में कभी माओवाद प्रभावित रहे पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव के करीब 30 ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर गांव तक सड़क बनाने के साथ बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधा शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों के मुताबिक, मेटागुड़ा में करीब 60 परिवार रहते हैं। गांव में आज भी सड़क, बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। खासकर बारिश के दिनों में गांव तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। कच्चे रास्ते कीचड़ में बदल जाते हैं, जिससे लोगों का आना-जाना बंद जैसा हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल ले जाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ट्रैक्टर से निकले, रास्ते में रात बिताई ग्रामीणों ने बताया कि वे रविवार दोपहर करीब 2 बजे ट्रैक्टर से मेटागुड़ा से निकले थे। खराब और लंबे रास्ते के कारण उन्हें रात डब्बाकोंता में रुकना पड़ा। इसके बाद सोमवार को वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। रास्ते में खाने की परेशानी न हो, इसलिए ग्रामीण अपने साथ राशन भी लेकर आए थे। माड़वी जोगा, पदाम हड़मा और बारसे रामा ने बताया कि गांव की समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन से उम्मीद रही, लेकिन अब वे खुद अपनी बात रखने कलेक्टर कार्यालय आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव तक पक्की सड़क बन जाती है तो आवागमन आसान होगा। साथ ही बच्चों को पढ़ाई और ग्रामीणों को इलाज सहित दूसरी जरूरी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मेटागुड़ा तक सड़क बनाने के साथ बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में माओवाद का असर कम होने के बाद अब वे बिना डर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखने के लिए पहुंच पा रहे हैं।
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मेटागुड़ा के ग्रामीण सड़क-बिजली-स्कूल की मांग लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे:ट्रैक्टर से निकले, रास्ते में बिताई रात, राशन भी साथ लाए, कलेक्टर से बोले-अब विकास चाहिए
