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फाजिल्का नगर परिषद की पहली बैठक में हंगामा:मीडिया के कैमरे देख गेट किया बंद, 10 प्रस्ताव पारित, 3 रद्द, 1 लंबित




नगर परिषद फाजिल्का में हाल ही में गठित भाजपा के नए बोर्ड की पहली बैठक अध्यक्ष अनीता जैरथ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस पहली बैठक में सभी पार्षदों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक के दौरान शुरुआत में थोड़ा हंगामा देखने को मिला, जिसे देखते हुए मीडिया के कैमरों के कारण एक बार हॉल का गेट भी बंद करना पड़ा, लेकिन कुछ ही मिनटों में माहौल पूरी तरह शांत हो गया। इस विशेष बैठक में स्थानीय आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक नरिंदरपाल सिंह सवना भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक के एजेंडे में शामिल कुल प्रस्तावों में से 10 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, जबकि 3 प्रस्तावों को रद्द कर दिया गया और 1 प्रस्ताव फिलहाल लंबित रखा गया है। इन 3 प्रस्तावों को किया गया रद्द जेल निर्माण का प्रस्ताव रद्द (प्रस्ताव संख्या 9): जिला जेल बनाने के लिए नगर परिषद की पुलिस लाइन के साथ लगती 19 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे पार्षदों ने नामंजूर करते हुए रद्द कर दिया। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का प्रस्ताव रद्द (प्रस्ताव संख्या 12): नगर सुधार ट्रस्ट द्वारा पत्र संख्या 192 (दिनांक 16 जुलाई 2026) के माध्यम से इंटेलिजेंस ब्यूरो के ‘कंस्ट्रक्शन ऑफ ओसीआर कॉम्प्लेक्स’ के लिए 2000 वर्ग मीटर जगह मांगी गई थी, जिसे बोर्ड ने रद्द कर दिया। क्लर्क का इस्तीफा (प्रस्ताव संख्या 11): नगर परिषद में क्लर्क के पद पर कार्यरत कर्मचारी का इस्तीफा मंजूर करने संबंधी प्रस्ताव को भी रद्द किया गया है। फायर स्टेशन का प्रस्ताव रखा गया लंबित (प्रस्ताव संख्या 6) वर्ष 1976 में बनी फायर स्टेशन की जर्जर और कच्ची छत वाली इमारत के नवीनीकरण तथा नए शेड के निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव फिलहाल लंबित रख लिया गया है। वर्तमान में यहाँ 4 फायर वाटर टेंडर हैं, जिनमें से दो बिना शेड के खुले में खड़े रहते हैं। इसके सुधार और मरम्मत कार्य पर फैसला बाद में लिया जाएगा। जनहित की जमीन पर रिहायशी कॉलोनी बनाने का सर्वसम्मति से विरोध नहरी पेयजल परियोजना के तहत डिग्गी निर्माण के लिए छोड़ी गई सार्वजनिक जमीन पर रिहायशी कॉलोनी विकसित करने के प्रस्ताव का सभी पार्षदों ने एकसुर में कड़ा विरोध किया। पूर्व पार्षद तारा चंद सोलंकी ने इस पर कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि शहर के जनहित और भविष्य से जुड़ा है। सार्वजनिक भूमि के उपयोग में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने इस प्रस्ताव का विरोध करने के लिए अध्यक्ष और पार्षदों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इसके अलावा, नगर परिषद की 32 दुकानों के दुकानदारों को मालिकाना हक देने के मामले में 6 सदस्यीय कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है।
ये 10 महत्वपूर्ण प्रस्ताव हुए पारित प्रस्ताव संख्या 4: सफाई सेवकों को नियमित (कन्फर्म) करने का मामला। प्रस्ताव संख्या 5: सीवरमैनों को पक्का करने संबंधी प्रस्ताव। प्रस्ताव संख्या 7: दुकानों के मालिकाना हक और रेट फिक्सेशन (दरें तय करने) का मामला। प्रस्ताव संख्या 8: फायर वाटर टेंडर की मरम्मत के लिए आपातकालीन खर्च की मंजूरी। प्रस्ताव संख्या 10: फायर ड्राइवर रमन कुमार को आगे की पढ़ाई जारी रखने की अनुमति। प्रस्ताव संख्या 13: कृषि योग्य भूमि की नीलामी और उसकी रिजर्व प्राइस तय करना। प्रस्ताव संख्या 14: बांके बिहारी मंदिर के पास नया गेट लगाने का मामला। प्रस्ताव संख्या 15: सैनिया रोड कॉलोनी के उपभोक्ता मामले की अपील। प्रस्ताव संख्या 16: विभिन्न अदालतों में चल रहे केसों के लिए वकीलों की नियुक्ति करना। प्रस्ताव संख्या 17: कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े एलपीए (LPA) और एसएलपी (SLP) अदालती मामलों संबंधी प्रस्ताव।



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