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रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में स्थाई शिक्षक व गैर शिक्षकों की भर्ती न होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र संगठनों ने एमडीयू वीसी को पत्र भेजकर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की, ताकि विभागों से शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके। छात्र नेता विक्रम सिंह डूमोलिया ने कहा कि एमडीयू में 2017 से 2026 तक संवैधानिक शिक्षक भर्ती व 2012 के बाद से गैर शिक्षक भर्ती नहीं हुई है। जिसके कारण यूनिवर्सिटी के विभागों को शिक्षकों के बड़े अभाव का सामना करना पड़ रहा है। काफी विभाग तो ऐसे है जहां एक भी स्थाई शिक्षक के रूप में कार्यरत नहीं है जिससे शिक्षा और शोध दोनों पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व वीसी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
छात्र नेता विक्रम सिंह डूमोलिया ने कहा कि विभाग शोध छात्रों और टेम्परेरी अर्रेन्जमेंट के सहारे चल रहे हैं। यूनिवर्सिटी का इतना बड़ा नाम होने के बाद भी डेढ़ दशक से स्थाई भर्ती नहीं होना, पूर्व कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की कार्यशेली पर बड़ा सवाल हैं। यूनिवर्सिटी के ग्रेड में भी बहुत बड़ी बाधा हैं। पूर्व वीसी का यूनिवर्सिटी को लेकर रहा नकारात्मक दृष्टिकोण
छात्र नेता सुधीर कुमार सहारण ने पूर्व वीसी प्रो. राजबीर सिंह के नकारात्मक दृष्टिकोण को इसका जिम्मेदार ठहराया, क्योंकि सबसे बड़ा कार्यकाल और एक स्थाई चपड़ासी तक नियुक्त नहीं करना, यह यूनिवर्सिटी के विकास में बाधा हैं। यूनिवर्सिटी में 2012 के बाद गैर शिक्षक पदों पर स्थाई भर्ती नहीं हुई, जिससे ब्रांचों में छात्रों को हर रोज काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं। यूनिवर्सिटी को रोजाना नई समस्या का करना पड़ रहा सामना
शोधार्थी दीपक कुमार ने कहा कि हर रोज यूनिवर्सिटी प्रसाशन को एक नई समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं। उसका एक ही कारण हैं कि कर्मचारियों की कमी, चाहे सुरक्षा का मामला हो चाहे, शिक्षा का मामला हो या ब्रांचों में पेंडिंग पड़े कार्य हो, इसलिए सभी संवैधानिक नियम आरक्षण नीति को ध्यान में रखकर एक दिन के रोजगार में भी आरक्षण नीति का पालन करना चाहिए।
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रोहतक एमडीयू में स्थाई भर्ती करने की मांग:छात्र संगठनों ने वीसी को भेजा पत्र, शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई प्रभावित
