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जेपीएससी परीक्षाओं में हुई अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी को गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह ने सीआईडी को बताया कि तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की गोपनीय शाखा में पदस्थापित कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार ने उन पर 10 से 12 अभ्यर्थियों का एफआरओ और पीसीएफ में अवैध चयन कराने और पेपर लीक करने का दबाव बनाया था। रामवीर के मुताबिक, उन्होंने धर्मेंद्र के कहने पर गलत काम करने से इनकार कर दिया और साफ कहा कि जो भी होगा, आयोग के दायरे में रहकर होगा। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांग्ते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को दे दी थी। इसके बावजूद धर्मेंद्र लगातार उन पर गलत तरीके से कैंडिडेट पास कराने का दबाव बनाता रहा। सीजीएल…आईसीएन के दो कर्मियों से 5 दिन पूछताछ पूरी; मिले अहम सुराग जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी की कार्रवाई तेज हो गई है। परीक्षा कार्य से जुड़ी प्रिंटिंग एजेंसी आईसीएन के दो कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार से पांच दिन की रिमांड पूछताछ मंगलवार को पूरी हो गई। दिल्ली से गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने प्रश्न पत्र की छपाई और सिंडिकेट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। दोनों से मिले इनपुट के बाद एजेंसी से जुड़े अहम किरदार मिथिलेश सिंह की तलाश तेज कर दी गई है। जांच अधिकारियों का मानना है कि मिथिलेश की गिरफ्तारी और आमने-सामने पूछताछ के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि प्रश्न पत्र प्रिंटिंग प्रेस से बाहर कैसे और किसके जरिए निकला।-शेष पेज 11 पर
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जेपीएससी भर्ती घोटाला:टीडीपीएल का निदेशक बोला-ख्यांग्ते और गुप्ता को दी थी गड़बड़ी की जानकारी, फिर भी धर्मेंद्र ने बनाया दबाव
