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Patiala SOE Feelkhana Success | Students Qualify NEET JEE Coaching


पंजाब सरकार द्वारा राज्य में सरकारी शिक्षा के ढांचे को पूरी तरह से आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई शिक्षा क्रांति की झलक पटियाला के ‘स्वतंत्रता संग्रामी संतोख सिंह स्कूल ऑफ एमिनेंस, फीलखाना’ में साफ तौर पर देखने

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SOE में स्टूडेंट्स को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा रहा बल्कि उन्हें देश के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे JEE, NEET, IISC और CLAT में सफलता हासिल करने के लिए शुरू से ही तराशा जा रहा है।

स्कूल स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल का स्मार्ट सिस्टम, फ्री कोचिंग, हाई क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षित माहौल उनके फ्यूचर को संवार र हा है। स्टूडेंट्स का कहना है कि इस स्कूल में उन बच्चों के सपनों को उड़ान मिल रही है जो देश के बड़े संस्थानों में पढ़ाई करना चाहते हैं।

पिछले चार वर्षों में स्कूल की बिल्डिंग पर चार करोड़ रुपए खर्च हुए और एक करोड़ रुपए फर्नीचर पर खर्च किए गए। प्रिंसिपल रजनीश गुप्ता का कहना है कि इन चार सालों में स्टूडेंट्स को एक करोड़ रुपए की वर्दियां दे चुके हैं। स्कूल के स्टूडेंट्स राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं।

स्कूल में स्टूडेंट्स को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानिए…

  • निःशुल्क और सुरक्षित बस परिवहन सुविधा: दूर-दराज के ग्रामीण या बाहरी इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से बस सेवा शुरू की गई है, ताकि किसी भी बच्चे की पढ़ाई में दूरी और आने-जाने का साधन बाधा न बने। स्कूल में इस बार 100 से ज्यादा बच्चे ट्रांसपोर्ट फेसिलिटी का फायदा ले रहे हैं।
  • मुफ्त वर्दी और पाठ्य सामग्री: विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से उच्च गुणवत्ता वाली वर्दी (यूनिफॉर्म) तथा सभी आवश्यक पाठ्य पुस्तकें पूरी तरह से मुफ्त प्रदान की जाती हैं। स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि चार साल में करोड़ रुपए की वर्दियां स्टूडेंट को दे चुके हैं।
  • पौष्टिक मिड-डे मील और फ्रूट्स: स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखते हुए ताजा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील दिया जाता है, जिसके साथ नियमित रूप से ताजे फल भी परोसे जाते हैं।
  • हाई-टेक सिक्योरिटी एवं सीसीटीवी इंतजाम: सुरक्षा के मामले में स्कूल में कड़े मापदंड अपनाए गए हैं। विशाल परिसर में दो मुख्य द्वार हैं और दोनों ही प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। इसके अलावा पूरे परिसर को 24/7 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की निगरानी में रखा गया है।
  • फ्री ऑनलाइन कोचिंग: विद्यार्थियों को अलग से निजी ट्यूशन या महंगी कोचिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ती। स्कूल के भीतर ही JEE, NEET, IISC, CLAT जैसी राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग की पूरी व्यवस्था मुफ्त में की गई है।
  • वोकेशनल और आधुनिक प्रैक्टिकल कोर्स: मुख्य अकादमिक विषयों के अलावा विद्यार्थियों के लिए नए वोकेशनल कोर्स भी शुरू किए गए हैं, जिससे वे व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता हासिल कर सकें।

स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर में क्या तब्दीलियां आई जानिए…

  • 4 करोड़ का ऐतिहासिक रेनोवेशन कार्य: प्रिंसिपल डॉ. रजनीश गुप्ता के अनुसार पिछले 4 वर्षों में स्कूल भवन के नवीनीकरण, जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर कुल ₹4 करोड़ की राशि खर्च की गई है, जिससे पुराना स्कूल परिसर अब एक कॉन्वेंट/प्राइवेट मॉडल की तर्ज पर नजर आता है।
  • 1 करोड़ रुपये का आधुनिक फर्नीचर: प्रिंसिपल डॉ. रजनीश गुप्ता के अनुसार कक्षाओं में बच्चों के बैठने के आरामदायक वातावरण के लिए ₹1 करोड़ मूल्य का ब्रांड न्यू, अत्याधुनिक और एर्गोनॉमिक फर्नीचर लाया गया है। बच्चे आधुनिक सुविधाओं का पूरी तरह से लाभ ले रहे हैं। इसके साथ ही चार वर्षों के दौरान बच्चों की स्मार्ट वर्दियों पर भी ₹1 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।
  • डिजिटल और इंटरैक्टिव क्लासरूम: पारंपरिक ब्लैकबोर्ड शिक्षण को पीछे छोड़ते हुए स्कूल की कक्षाओं में 6 आधुनिक ‘इंटरैक्टिव टच पैनल’ स्थापित किए गए हैं, जिससे जटिल से जटिल विषयों को विजुअल और डिजिटल रूप में पढ़ाया जा रहा है।
  • अत्याधुनिक कंप्यूटर और ATL लैब्स: प्रिंसिपल डॉ. रजनीश गुप्ता के अनुसार विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार से जोड़ने के लिए एक हाई-टेक कंप्यूटर लैब तथा नीति आयोग-प्रेरित अटल टिंकरिंग लैब और साइंस लैब्स स्थापित की गई हैं।
  • प्रतियोगी परीक्षा में शानदार परिणाम: इंफ्रास्ट्रक्चर और समर्पित अध्यापकों की मेहनत का ही नतीजा है कि स्कूल का एक विद्यार्थी IISCR पुणे में, एक बच्चा NIT जालंधर में दाखिला पा चुका है, जबकि इस वर्ष 3 बच्चों का चयन JEE Mains और 7 बच्चों का चयन NEET में हुआ है। साथ ही हर साल 2-3 बच्चे बोर्ड मेरिट में जगह बना रहे हैं और ‘प्रयास प्रोजेक्ट’ के तहत राष्ट्रीय स्कॉलरशिप व खेल/अन्य गतिविधियों में नेशनल मेडल हासिल कर रहे हैं।
स्कूल में बनी लेबोटरीज

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