![]()
लखीमपुर खीरी में बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी के बाद शारदा नदी उफान पर है। बुधवार सुबह आठ बजे पलियाकलां बेस स्टेशन पर नदी का जलस्तर 154.94 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 154.59 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से शारदा किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का असर दिखने लगा है। बिजुआ ब्लॉक के कई गांवों में पानी घुस गया है, जबकि खेत जलमग्न होने से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। बिजुआ क्षेत्र के बझेड़ा, करसौर, गुजरा, कोरियाना, सिंघिया एहतमाली व गैर एहतमाली, बेचे पुरवा, मिस्त्रीपुरवा, ढकिया कलां, रेवतीपुरवा, दौलतापुर, रड़ा देवरिया, रामपुर, जंगल नंबर सात, इमलिया फार्म, कांप एलनगंज, हजूर पुरवा, मुड़िया और रामनगर कलां समेत दर्जनों गांव प्रभावित हैं। कई जगह रास्तों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया है। घरों में पानी पहुंचने से ग्रामीण सामान समेटकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। पशुओं के चारे और पीने के पानी का संकट भी बढ़ गया है। ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि बाढ़ जैसे हालात के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों की पर्याप्त मौजूदगी नहीं है। ग्रामीणों ने मौके का निरीक्षण कराने के साथ नाव, राहत सामग्री और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की मांग की है। निघासन के कई गांव संवेदनशील शारदा का जलस्तर बढ़ने से निघासन तहसील के निचले इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है। लाल बोझी, रानीगंज, मदनापुर, ठाकुर पुरवा, बैलहा डीह, मटहिया, मिठूई, झंडी, टॉपर पुरवा, लोनियन पुरवा, बरोठा, कुर्मिन पुरवा, नया व पुराना पुरैना, सेमरा पुरवा, दौलतापुर, बोटन पुरवा, सुरजी पुरवा, नौगवां, हुलासी पुरवा, यादव पुरवा, बिचपरी, छेदुई पतिया और बल्लीपुर समेत कई गांव संवेदनशील हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में एलाउंस कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने, बच्चों व पशुओं को पानी से दूर रखने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
Source link
लखीमपुर-खीरी में शारदा नदी उफनाई:खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर, बिजुआ के कई गांवों में घुसा पानी
