कुरुक्षेत्र के मुख्य दफ्तर में मीडिया से बात करते HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) ने मीरी-पीरी संस्थान शाहाबाद में पिछले तीन महीने से रुकी डॉक्टरों और कर्मचारियों की सैलरी के विवाद को सुलझाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने 11 मेंबरी तालमेल कमेटी गठित की।
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इस कमेटी की रिपोर्ट पर अगला फैसला लिया जाएगा। इसी को लेकर शुक्रवार शाम को HSGMC के मुख्य दफ्तर में मीटिंग बुलाई गई। इसमें कमेटी 27 मेंबर्स शामिल हुए। इस मीटिंग में कमेटी के पूर्व प्रधान एवं नॉमिनेटेड मेंबर बलजीत सिंह दादूवाल गुट के ज्यादा मेंबर पहुंचे थे। यहां तक तालमेल कमेटी में भी दादूवाल गुट के मेंबर ज्यादा हैं।

8 जुलाई को HSGMC के मुख्य सचिव नरेंद्र सिंह को ज्ञापन देता स्टाफ।
SGPC-स्टाफ और विपक्ष से बात करेगी कमेटी
मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में झींडा ने कहा कि तालमेल कमेटी धरने पर बैठे मीरी-पीरी संस्थान के स्टाफ से बातचीत करेगी। साथ ही पंजाब की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से भी मुलाकात करेगी। विवाद के समाधान के लिए कमेटी पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल गुट से भी राय लेगी, ताकि संस्थान को चलाने का रास्ता साफ हो सके।
6 जुलाई के आदेश के बाद मीटिंग बुलाई
असल में, 6 जुलाई को सिख ज्यूडिशरी कमीशन ने HSGMC को स्टाफ की सैलरी देने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद HSGMC के मुख्य सचिव ने कमीशन को स्पष्ट किया कि HSGMC ने अभी तक संस्थान का टेकओवर नहीं किया है। संस्थान से कोई पैसा नहीं लिया गया और न ही खातों का कोई हिसाब-किताब उनको मिला।

HSGMC के मुख्य दफ्तर पर धरन के टाइम नाम जाप करता स्टाफ।
कमीशन दिया ने मीटिंग के लिए सप्ताह का टाइम
इसी कारण पूरे मामले पर विचार करते हुए कमीशन ने HSGMC को एक सप्ताह का समय दिया। इसलिए झींडा ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। मीटिंग के बाद तालमेल कमेटी बनाई गई है। ये तालमेल कमेटी SGPC से मीरी-पीरी संस्थान के स्टाफ की सैलरी देने की मांग करेगी।
स्टाफ का प्रदर्शन बना बड़ा मुद्दा
मीरी-पीरी संस्थान में कार्यरत स्टाफ को पिछले तीन महीने की सैलरी नहीं मिली है। इससे नाराज होकर स्टाफ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सिख ज्यूडिशिरी कमशीन को दखल देने की मांग थी। साथ ही HSGMC के मुख्य दफ्तर का घेराव कर स्टाफ ने नारेबाजी की थी। साथ ही मुख्य सचिव को सैलरी जारी करने के लिए ज्ञापन दिया था।
