- Hindi News
- Career
- Nashik Adivasi Student Protest Vs Maharashtra Politics; Congress BJP | Tribal Dept Corruption
19 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी विकास विभाग में भ्रष्ट, अव्यवस्थित कामकाज, आश्रमशालाओं और छात्रावासों में छात्रों की लगातार हो रही मौतों को नजरंदाज करने वाली सरकार के विरोध में मंगलवार को राज्य भर के आदिवासी छात्रों ने आंदोलन किया।
मंत्री अशोक उइके के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर हजारों छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय और आदिवासी विकास भवन तक मार्च निकाला। मांगें पूरी होने तक पीछे न हटने का संकल्प लेते हुए उन्होंने सरकार की चुप्पी का विरोध किया।
2 साल में 584 छात्रों की मौत हुई है
राज्य की आश्रमशालाओं में दो वर्षों के भीतर विभिन्न कारणों से लगभग 584 छात्रों की मृत्यु हुई है।
छात्रों ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके इस्तीफा की मांग की।
इस मांग के साथ-साथ अन्य विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने 18 अगस्त से नासिक के हुतात्मा अनंत कान्हेरे मैदान में आंदोलन शुरू किया है। आमरण अनशन कर रहे तीन छात्रों का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आंदोलन के दौरान छात्रों ने दो बार आदिवासी विकास भवन तक मोर्चा निकाला, फिर भी सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदा किया। इसी वजह से मंगलवार को ‘सकल आदिवासी विद्यार्थी कृति समिति’ की ओर से विशाल ‘उलगुलान मोर्चा’ निकाला गया।

कांग्रेस नेताओं ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, नेता विजय वडेट्टीवार, डॉ. विक्रांत भूरिया और वसंत पुरके समेत कई बड़े नेताओं ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की मांगें सुनीं और उनका पूरा साथ देने का वादा किया।
10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल पर छात्र
इस बीच, छात्रों की भूख हड़ताल पिछले 10 दिनों से ज्यादा समय से जारी है। कई छात्रों की सेहत बिगड़ने की खबर है, कुछ का जिला सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है, तो कुछ स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं।
———————
ये खबर भी पढ़ें..
बच्चे स्कूल के बाहर तिरपाल के नीचे पढ़ रहे:शिक्षक बोले- स्कूल कभी भी गिर सकता है, छत से पानी भी टपक रहा; वीडियो वायरल

मप्र के मंडला के एक स्कूल का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे, स्कूल के जर्जर भवन के बाहर तिरपाल (पॉलिथीन की छत) लगाकर पढ़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें..

