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मोगा में युवाओं और कारीगरों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला रोजगार, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग ने हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर, होशियारपुर के सहयोग से गांव घोलिया कलां में एक महीने की डिजाइन डेवलपमेंट वर्कशॉप शुरू की है। इसमें 30 महिला प्रशिक्षार्थियों को क्रोशिया सॉफ्ट टॉयज बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए देश के 100 जिलों में ‘चौपाल प्रोग्राम’ चलाया जा रहा है। इसके तहत स्थानीय कारीगरों की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। मोगा में भी कई गांवों में चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर कारीगरों के आर्टिसन कार्ड बनाए गए हैं। DC बोलें- वर्कशॉप का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को हुनरमंद बनाना घोलिया कलां में शुरू हुई वर्कशॉप में महिलाओं को नए डिजाइन तैयार करने, उत्पादों की गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाने, सोशल मीडिया मार्केटिंग तथा तैयार सामान को बाजार तक पहुंचाने की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण मशहूर डिजाइनर आशीष श्रीवास्तव देंगे। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि वर्कशॉप का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप हुनरमंद बनाना और उनके लिए स्वरोजगार व आय के नए अवसर पैदा करना है। इस मौके पर जिला रोजगार कार्यालय के करियर काउंसलर बलराज सिंह, हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर के केशव, सरपंच एकमप्रीत सिंह, सुकृति मलिक और राउंड ग्लास फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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मोगा में महिलाओं के लिए डिजाइन वर्कशॉप शुरू:30 प्रशिक्षार्थियों को क्रोशिया सॉफ्ट टॉयज बनाने की ट्रेनिंग मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
