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हिमाचल प्रदेश के मंडी में मंडी डाक मंडल में ग्रामीण शाखा डाकघरों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें आसपास के शाखा डाकपालों, ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) और अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कर्मचारियों को उनके काम और डाक विभाग की अलग-अलग सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के बारे में बताया गया। बैठक का मुख्य मकसद ग्राहक संतुष्टि, तेज डाक डिलीवरी, घर तक सेवा और ग्रामीण डाकघरों की कमाई बढ़ाना था। कर्मचारियों को बताया गया कि ग्रामीण शाखा डाकघरों को सिर्फ सेवा केंद्र नहीं, बल्कि प्रॉफिट सेंटर के तौर पर विकसित करना है। इसके लिए डाकघरों में मौजूद सेवाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और नई सेवाओं को घर-घर पहुंचाने पर जोर दिया गया। नागरिक आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश अधिकारियों ने कर्मचारियों को पोस्टल सेविंग्स, पार्सल, इंटरनेशनल मेल, बीमा और दूसरी नागरिक केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही खर्च और कमाई के बीच अच्छा संतुलन बनाकर डाकघर की काम करने की क्षमता बढ़ाने पर भी बात हुई। बैठक में मंडी मंडल में ड्रोन से डाक भेजने की पहल के बारे में भी बताया गया। हेड पोस्ट ऑफिस या उप डाकघर से ड्रोन के जरिए डिलीवरी डाकघर तक डाक पहुंचेगी। इसके बाद डाकघर का कर्मचारी डाक मिलने के एक से दो घंटे के अंदर ग्राहक तक उसकी डिलीवरी करेगा। इससे दूर के इलाकों में डाक पहुंचाने का काम और तेज होगा। ग्राहकों की संतुष्टि को प्राथमिकता दें कर्मचारी : संजय हिमाचल प्रदेश परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय कुमार ने कहा कि विभाग का लक्ष्य आधुनिक तकनीक और अच्छी सेवाओं से लोगों को तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद डाक सेवाएं देना है। उन्होंने कर्मचारियों से ग्राहक संतुष्टि को सबसे ऊपर रखने और विभाग की सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने को कहा।
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मंडी में ग्रामीण डाकघरों को प्रॉफिट सेंटर बनाने की तैयारी:मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने ली अधिकारियों की मीटिंग, ग्राहक संतुष्टि और तेज डिलीवरी पर जोर
