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Rainwater harvesting is now mandatory for domestic borewells, with a fee of Rs 2,500 for small buildings.


रांची16 घंटे पहले

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सरकार ने 3000 वर्गफीट से बड़े भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी किया

राजधानी में चार इंच की घरेलू बोरिंग कराने के लिए अब नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। अनुमति के लिए आवेदक के घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना जरूरी है। खाली जमीन पर बोरिंग के लिए भवन निर्माण के साथ हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का शपथपत्र देना होगा। अनुमति के लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है।

5 हजार वर्गफीट तक के आवासीय परिसर में 2,500 रुपए और इससे बड़े परिसर में 5 हजार रुपए शुल्क लगेगा। एक हजार वर्गफीट तक के व्यावसायिक भवन में 10 हजार रुपए और इससे अधिक क्षेत्रफल में 10 रुपए प्रति वर्गफीट शुल्क देना होगा। आवेदन निगम कार्यालय में करना होगा।

भू-जल स्तर में गिरावट को देखते हुए निगम ने यह व्यवस्था लागू की है। हालांकि, नगर विकास विभाग के आदेश में 3 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य है। ऐसे में एक ही शहर में दो नियम लागू होने से सवाल उठ रहे हैं कि आम लोग किस आदेश का पालन करें।

सुशांत गौरव, नगर आयुक्त

हर हाल में बोरिंग निजी जमीन पर ही करानी होगी, शपथपत्र भी जरूरी

घरों में 4 इंच बोरवेल के लिए भी अनुमति क्यों जरूरी की गई?

शहर में गर्मी के दिनों में भू-गर्भ जल का दोहन अधिक होता है। ऐसे में वाटर लेवल नीचे चला जाता है। इससे निपटने के लिए बोरिंग देने से पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया गया है।

मुझे अपने घर में बोरिंग करानी है, इसके लिए मुझे क्या करना होगा?

नगर आयुक्त के नाम एक आवेदन निगम की जलापूर्ति शाखा में देना होगा। इसके साथ पहचान पत्र, होल्डिंग रसीद, जहां बोरिंग की जानी है, वहां का जीपीएस फोटो और संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने पर संबंधित दस्तावेज देने होंगे। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति की फोटो और शपथ पत्र भी देना होगा।

मेरे घर में 20 साल पहले का बोरिंग सूख गया। अब नया बोरिंग कराने के लिए जगह नहीं है, क्या बाहर बोरिंग करा सकते हैं?

हर हाल में बोरिंग निजी जमीन पर ही करानी होगी। किसी भी हाल में घर के बाहर नदी, नाली या सड़क या सरकारी जमीन पर बोरिंग की अनुमति नहीं मिलेगी। शपथपत्र देना होगा कि बोरिंग का उपयोग पेयजल या घरेलू उपयोग के लिए ही किया जाएगा।

बोरिंग की अनुमति लेने के बाद उक्त स्थल पर पानी नहीं मिला या बोरिंग फेल हो गया, तब क्या करेंगे?

भूमिगत जलस्तर को ध्यान में रखकर ही बोरिंग की अनुमति मिलेगी। संबंधित क्षेत्र के भू-गर्भ जल स्तर का आकलन करने के बाद ही अनुमति मिलेगी। ऐसे में बोरिंग फेल होने पर नए स्थल के लिए फिर से अनुमति लेनी होगी।

एक बार अनुमति लेने के कितने दिनों के अंदर बोरिंग कराई जा सकती है?

नगर निगम से अनुमति मिलने के 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी।

मैंने बोरिंग की अनुमति लेने के बाद बोरिंग कराई या नहीं, इसकी जानकारी कैसे निगम को मिलेगी?

बोरिंग कराने से पहले रिंग मशीन चालक को भी संबंधित स्थल पर बोरिंग करने की जानकारी फॉर्म में भरकर देना है। बोरिंग होने के बाद इसकी कुल गहराई और वाटर लेवल की जानकारी नगर निगम को देना अनिवार्य है।

पहले सभी घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाए नगर निगम, इसके बाद ही बोरिंग पर सख्ती हो – मनाेज जाेशी, आर्किटेक्ट रांची की 70 प्रतिशत आबादी बोरवेल पर ही निर्भर है। क्योंकि, घरों तक पाइपलाइन से पानी नहीं पहुंचा है। सरकार हर घर तक शुद्ध पानी नहीं पहुंचाएगी तो लोगों को बोरवेल कराना मजबूरी है। चार इंच का बोरिंग अधिकतर निजी घरों में ही होता है। ऐसे भवन मालिकों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाना अनिवार्य कर दिया गया तो एक-दो या तीन कट्टा जमीन लेकर घर बनाने वाले परेशान हो जाएंगे। इसलिए नगर निगम को चाहिए कि पहले शत-प्रतिशत घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाए, इसके बाद ही बोरिंग पर सख्ती करे।



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