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ED पत्र पर जनहित याचिका-वकील के फार्म हाउस पर नोटिस:आधी रात हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार बोली- 11 सितंबर तक कार्रवाई नहीं होगी




ईडी की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजे गए एक पत्र से जुड़े मामले में जनहित याचिका दायर करने वाले वकील निखिल सराफ के मोहाली जिले में स्थित फार्म हाउस को तोड़ने के लिए जारी नोटिस का मामला शुक्रवार देर रात पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया। निखिल सराफ ने अदालत से मामले की तुरंत सुनवाई करने की मांग की। वकील की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई कि ईडी के पत्र से जुड़े मामले में जनहित याचिका दायर करने के बाद से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इसी रंजिश के चलते अब ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (गमाडा) की ओर से उनके फार्म हाउस को गिराने का नोटिस जारी किया गया है। कभी भी तोड़ी जा सकती है संपत्ति निखिल सराफ ने हाईकोर्ट के सामने आशंका जताई कि सरकार उनके खिलाफ किसी भी समय फार्म हाउस को गिराने की कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने अदालत से गमाडा की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगाने और उन्हें तत्काल सुरक्षा देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह याचिका शुक्रवार देर रात हाईकोर्ट में पेश की गई। इसके बाद अदालत ने रात में ही मामले की सुनवाई की। 11 सितंबर तक नहीं होगी कार्रवाई देर रात हुई सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि 11 सितंबर तक निखिल सराफ के फार्म हाउस के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि गमाडा के नोटिस का जवाब देने के लिए निखिल सराफ को 11 सितंबर तक का समय दिया गया है। इसलिए इस तारीख से पहले उनके फार्म हाउस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने सरकार का भरोसा रिकॉर्ड पर लिया हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार की ओर से दिए गए इस भरोसे को रिकॉर्ड पर लिया। इसके बाद अदालत ने फिलहाल याचिकाकर्ता को अलग से अंतरिम राहत देने के बजाय पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। अदालत ने मामले को मुख्य याचिका के साथ जोड़ दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। ईडी के पत्र से जुड़े मामले में दायर की थी जनहित याचिका निखिल सराफ की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका का संबंध ईडी के उस पत्र से है, जो पंजाब के डीजीपी को भेजा गया था। इसी मामले को लेकर उन्होंने जनहित याचिका दायर की थी। उनका आरोप है कि याचिका दायर करने के बाद से उन्हें परेशान किया जा रहा है और अब उनके फार्म हाउस को गिराने का नोटिस इसी कार्रवाई का हिस्सा है। हालांकि, फार्म हाउस को गिराने के लिए गमाडा की ओर से नोटिस किस आधार पर जारी किया गया है और उस पर निखिल सराफ का क्या जवाब है, इस पर मामले की अगली सुनवाई में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल हाईकोर्ट ने सरकार के आश्वासन के बाद 11 सितंबर तक फार्म हाउस पर कार्रवाई नहीं करने की स्थिति स्पष्ट कर दी है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी



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