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कानपुर में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 इन्फ्लूएंजा का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। 55 वर्षीय मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे हैलट अस्पताल लाया गया, जहां मेडिसिन विभाग के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है। मरीज का इलाज पहले शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। वहां की निजी पैथोलॉजी जांच में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होने की बात सामने आई है। मास्क पहनकर पहुंच रहे लोग मामला सामने आने के बाद हैलट में आने वाले मरीजों और तीमारदारों में भी सतर्कता बढ़ गई है। अस्पताल में आने वाले अधिकतर लोग अब मास्क पहनकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल परिसर में कई लोग संक्रमण से बचाव के लिए चेहरे को मास्क से ढके नजर आ रहे हैं। सैंपल लैब भेजा गया हालांकि, निजी अस्पताल की रिपोर्ट किस पैथोलॉजी सेंटर से कराई गई थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से हैलट प्रशासन ने मरीज का सैंपल मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में आईटीपीसीआर जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह पक्का हो सकेगा कि मरीज एच1एन1 से संक्रमित है या नहीं। 10 दिन से निजी अस्पताल में था भर्ती हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि मरीज करीब 10 दिनों से शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती था। वहां हुई जांच में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा की पुष्टि वाली रिपोर्ट आई थी। हालत बिगड़ने के बाद मरीज को हैलट रेफर किया गया। मरीज की स्थिति नाजुक डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, मरीज की स्थिति नाजुक है। उसे मेडिसिन आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है। फिलहाल उसे एच1एन1 का संदिग्ध मानकर ही उपचार किया जा रहा है। इसके साथ ही संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन कराया जा रहा है।
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स्वाइन फ्लू की दस्तक, 55 साल का मरीज वेंटिलेटर पर:निजी पैथोलॉजी की जांच में मिला संक्रमित, हैलट में चल रहा इलाज
