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खंडवा के रामनगर स्थित शिवराज मल्टी में रविवार सुबह एक दुर्लभ प्रजाति का उल्लू घायल हालत में मिला। उसके पंख और गर्दन पर चोट के निशान थे। उल्लू मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। घटना रविवार सुबह करीब 6 बजे की है। वनकर्मी उमाशंकर रायकवार उर्फ मलखान को मल्टी में उल्लू के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर सावधानी से उल्लू को पकड़ा और अपने साथ ले गई। इलाज के लिए उसे पशु अस्पताल के पास ले जाया गया है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। चाइनीज मांझे में फंसने से हुआ घायल
वन विभाग की जांच में उल्लू के पंख और गर्दन पर चोट के निशान मिले। अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया वह पतंग के चाइनीज मांझे में फंसने के कारण घायल हुआ है। मांझा शरीर में उलझने से उसे उड़ने में परेशानी हुई और वह नीचे गिर गया। सिर पर कान जैसे पंख इसकी खास पहचान
रेस्क्यू किया गया उल्लू हॉर्न्ड आउल प्रजाति का है। इसकी पहचान सिर पर दिखाई देने वाले कान जैसे दो उभरे हिस्सों से होती है। ये असली कान नहीं, बल्कि पंखों के विशेष गुच्छे होते हैं। यह पक्षी आसपास के वातावरण में खुद को छिपाने में भी माहिर होता है। खतरा महसूस होने पर या पेड़ों के बीच बैठे समय यह अपने पंखों को इस तरह व्यवस्थित कर लेता है कि वह आसपास के पेड़-पौधों में आसानी से नजर नहीं आता। पक्षियों के लिए खतरा है चाइनीज मांझा
पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा पक्षियों के लिए खतरनाक है। यह सामान्य धागे की तुलना में ज्यादा मजबूत और धारदार होता है। उड़ते समय पक्षी इसकी चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। कई बार मांझा उनके पंख, पैर और गर्दन में उलझ जाता है, जिससे उनकी जान भी जा सकती है।
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चाइनीज मांझे में फंसा दुर्लभ उल्लू, पंख-गर्दन में चोट:खंडवा में शिवराज मल्टी में मिला हॉर्न्ड आउल, फॉरेस्ट विभाग ने इलाज कराकर जंगल में छोड़ा
