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रायसेन जिला जेल में 2 सितंबर को प्रहरी को गोली मारकर भागने की कोशिश के मामले में पुलिस ने सोमवार शाम जेल से फरार होने की कथित साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, रिमांड पर लिए गए आरोपी निलेश उर्फ छोटेल से पूछताछ में सामने आया कि जेल के अंदर कट्टा और कारतूस पहुंचाने के बाद भागने की योजना बनाई गई थी। हथियार जेल की बाहरी दीवार के पास से एक पैकेट में फेंककर अंदर पहुंचाया गया था। पुलिस ने बताया कि निलेश करीब 11 महीने से रायसेन जेल में बंद था। वह पठारी के नेपाल सिंह की हत्या के मामले में जेल में था। इससे पहले बरेली के राजकुमार राजपूत की हत्या के मामले में उसे सजा हो चुकी थी। पुलिस को निलेश और राहुल बेदी की जेल में हुई दोस्ती के बारे में जानकारी मिली। निलेश ने राहुल से जेल से भागने के लिए हथियार की व्यवस्था कराने की बात कही। राहुल ने दोस्त के जरिए हथियार पहुंचाने की बात कही पुलिस के अनुसार, राहुल बेदी ग्राम पठारी का रहने वाला है। उसे जेल की उस तरफ की जानकारी थी, जहां से बाहर से सामान अंदर पहुंचाया जा सकता था। दोनों ने जेल के अंदर हथियार पहुंचाने के लिए एक स्थान तय किया। राहुल ने निलेश को बताया कि वह जिलाबदर है, इसलिए खुद यह काम नहीं कर सकता। इसके बाद उसने अपने दोस्त शुभम बेदी के जरिए कट्टा जेल के अंदर पहुंचाने की बात कही। 19 अगस्त को जेल के अंदर फेंका गया पैकेट पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को निलेश के मामा सुपियार सिंह ने शुभम बेदी को कट्टा और कारतूस दिए। इसके बाद शुभम ने जिला जेल के बाहर से तय स्थान पर एक पैकेट जेल के अंदर फेंका। निलेश ने पैकेट उठाया। इसमें 315 बोर का देशी कट्टा और 5 जिंदा कारतूस थे। निलेश ने हथियार और कारतूस जेल के अंदर छिपा दिए । भागने के मौके का इंतजार करने लगा। अधीक्षक के छुट्टी पर होने पर भागने की कोशिश 2 सितंबर को जेल अधीक्षक के छुट्टी पर होने की जानकारी मिलने के बाद निलेश ने भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, वह फल खाने का बहाना बनाकर जेल के मेन गेट के पास पहुंचा। उसने प्रहरी दिग्विजय सिंह को कट्टा दिखाकर ताला खोलने के लिए कहा। प्रहरी ने विरोध किया तो दोनों के बीच झूमाझटकी होने लगी। इसी दौरान निलेश ने फायर कर दिया। गोली प्रहरी को लग गई। गोली चलने की आवाज सुनकर जेल का अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा और निलेश को पकड़ लिया। झूमाझटकी के दौरान उसके पास से देशी कट्टा, 4 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन नीचे गिर गए। तीन आरोपी जेल में, निलेश का मामा फरार एसपी आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर जिलाबदर आरोपी राहुल बेदी और उसके सहयोगी शुभम बेदी को थाना कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पूछताछ में जेल से फरार होने की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, मामले में निलेश उर्फ छोटेल पिता निर्भय सिंह (38), राहुल बेदी पिता रतन सिंह बेदी (27) और शुभम बेदी पिता भंवरलाल बेदी (26) आरोपी हैं। तीनों वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं। वहीं, निलेश का मामा सुपियार सिंह पिता भाईजी पुरवीया (55), निवासी किबली थाना बरेली, फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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रायसेन जेल गोलीकांड: आरोपी ने भागने की रची साजिश थी:दिवार के बाहर से फेंककर पहुंचाया था कट्टा, जिलाबदर दोस्त से ली थी मदद
