झज्जर में सफाई कर्मचारियों के बीच पहुंचे सीजेपी पार्टी की टीम।
हरियाणा में करीब एक माह से विभिन्न मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर है। इसके कारण शहरों में कूड़े के ढेर लगे हैं। अधिकारियों के घरों पर कूड़ा फेंकने की घटनाएं और पुलिस कर्मियों से हाथापाई की नौबत तक आ चुकी है। मगर, अभी तक सरकार इस समस्या का हल नह
.
बताया जा रहा है कि पेंच केवल इस बात पर फंसा है कि सफाई कर्मचारी लगभग 13,000 कच्चे कर्मियों को सीधे नियमित (पक्का) करने के लिखित आदेश की मांग पर अड़े हैं। जबकि, सरकार ने कर्मचारियों को ‘हरियाणा कान्ट्रैक्चुअल एम्प्लाइज एक्ट 2024’ के तहत 60 साल तक सेवा सुरक्षा और ₹5,000 तक वेतन वृद्धि देने की बात कही है।
उधर, सफाईकर्मचारियों के समर्थन में अब कॉकरोच जनता पार्टी भी उतर आई है। सोमवार को दिल्ली और हरियाणा से CJP के पदाधिकारी झज्जर पहुंचे और कर्मचारियों को एक घंटे तक सोशल मीडिया की ट्रेनिंग दी। मोबाइल फोन से वीडियो तैयार करने, अपनी बात कैमरे के सामने रखने और आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रभावी तरीके से साझा करने बताया।
वहीं, इसे देखते हुए सरकार भी सख्त हो गई है। सोनीपत, हिसार और कैथल में 1 दरोगा और 30 सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में पेरोल पर कार्यरत और एचकेआरएएन के तहत काम करने वाले दोनों तरह के कर्मी शामिल हैं। इनमें कल हिसार में अरेस्ट हुआ प्रधान सुरेंद्र का नाम भी शामिल है।

झज्जर में सीजेपी की टीम ने सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने के लिए मोबाइल फोन से सफाई कर्मचारियों को दी ट्रेनिंग।
पहले जानिए सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें…
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। ठेका प्रथा खत्म कर नियमित भर्ती हो।
- सीवरमैन और ठेका कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- खाली पदों पर स्थायी भर्ती की जाए। जोखिम भत्ता और सेवा सुरक्षा मिले।
- ड्यूटी में मौत पर ₹20 लाख मुआवजा मिले। रिटायरमेंट पर ₹10 लाख दिए जाएं।
- फरीदाबाद हादसे के मृतकों के परिवार को ₹1 करोड़ व नौकरी मिले।
- झज्जर के 61 बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल किया जाए।
- 13 मई के 17 सूत्रीय समझौते के आदेश जारी हों और HKRN (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) खत्म किया जाए।

सीएम नायब सिंह सैनी।
अब जानिए सरकार की ओर से क्या आश्वासन दिया गया
- कर्मचारी अधिनियम 2024 के दायरे में लाने को तैयार: हरियाणा की भाजपा सरकार ने नगर पालिका पे-रोल पर कार्यरत 13 हजार 93 सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉयज एक्ट 2024 के तहत लाने का सैद्धांतिक निर्णय फिर दोहराया है। इससे इनको 60 वर्ष की उम्र तक जॉब सिक्योरिटी मिलेगी। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान में सफाई कर्मचारी को 20 हजार 590 मासिक राशि दी जा रहे हैं। सरकार इनको हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम 2024 के दायरे में लाने को तैयार है ताकि इनको नियमित कर्मचारियों के लगभग समान लाभ दिए जा सकें।
- 25 हजार 560 रुपए होगा वेतन : सीएम सैनी कह चुके हैं कि नगर पालिका रोल पर 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे सफाईकर्मियों का मासिक वेतन 25 हजार 560 रुपए होगा। सरकार एक कदम और बढ़ाते हुए मासिक वेतन में अधिनियम की पात्रता के अलावा 15% अधिक राशि देने पर भी सहमत है। 2024 के इस अधिनियम के तहत कर्मचारियों को वार्षिक महंगाई भत्ता डेथ कम ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश और HKRNL के तहत मिलने वाली एक्स ग्रेसिया वित्तीय सहायता राशि और नियुक्ति जैसी सुविधाएं मिलेगी। इनमें अधिकतर प्रावधान 2024 के मूल एक्ट का ही हिस्सा हैं।
- 6 महीने बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने पर सरकार सहमत : नायब सैनी कहा कि इन सुविधाओं के अलावा हर वर्ष वेतन में वृद्धि होगी। हर 6 महीने बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने पर भी सरकार सहमत है। कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ भी सुनिश्चित किया जाएगा। इन कर्मचारियों को वर्तमान में मिल रहे ₹20 हजार 590 मासिक मानदेय (₹19,000 वेतन + ₹1,590 भत्ते) के अतिरिक्त ₹2 हजार मासिक जोखिम भत्ता देने का निर्णय लिया गया है।

दो दिन पहले फरीदाबाद में मंत्री विपुल की कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी के ऊपर चढ़कर प्रदर्शन करते हुए सफाई कर्मचारी।
क्यों नहीं मान रहे सफाईकर्मी, चार पॉइंट में जानिए…
- 13 मई के समझौते के बाद भी आदेश जारी नहींः कैथल नगरपालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारी विक्की टांक के अनुसार, 8 फरवरी 2026 को सरकार ने आंदोलन के दबाव में पे-रोल कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया था। लंबी हड़ताल के बाद 13 मई को हरियाणा भवन में मंत्री विपुल गोयल, CM के प्रधान सचिव आरके खुल्लर और अधिकारियों की संघ के साथ करीब 6 घंटे बैठक हुई थी। इसमें मांगें मानकर 20 जून तक परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक मुख्य मांगों के आदेश जारी नहीं हुए।
- 13 हजार कर्मी पक्का करने का वादा नहीं निभायाः पदाधिकारियों के मुताबिक, 13 मई के समझौते में राज्य के करीब 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया गया था। उनका आरोप है कि सरकार वादे से पीछे हट रही है और लंबे समय से किसी सफाई, सीवर या फायर कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया।
- अब भी पक्का करने के मामले पर ही पेंचः 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र के जिमखाना क्लब में करीब 2 घंटे में दो दौर की बातचीत हुई। सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, ULB आयुक्त अशोक मीणा आए। कर्मचारी यूनियन के 10 सदस्यीय कमेटी से बात हुई। 14 में से 13 मांगों पर सहमति बनी, लेकिन कर्मिंयों को पक्का करने की मांग पर कानूनी राय मांगने पर मामला फंस गया।
- समझौते के बावजूद मांगों पर लेटर जारी नहीं : सोनीपत सफाई कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी राजीव खत्री का कहना है कि अब केवल मौखिक आश्वासन से कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक मांगों को लेकर आधिकारिक लेटर जारी नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, फरीदाबाद सफाईकर्मी यूनियन प्रधान बलबीर ने कहा कि हम बस ठेका प्रथा खत्म करने की ही बात कर रहे हैं। हमें निगम के पैरोल पर भर्ती चाहिए। सरकार को एक कदम आगे बढ़ाना चाहिए, हम 2 कदम बढ़ाएंगे।

सोनीपत नगर निगम में हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी।
सफाई कर्मचारियों की सभी मांगें न मानने के 4 मुख्य कारण…
- हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की संख्या : हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका) में लगभग 30,000 से 35,000 सफाई कर्मचारी और सीवरमैन कार्य करते हैं। 13,093 कर्मचारी पे-रोल / अनुबंधित कर्मचारी की श्रेणी में आते हैं। 12,000 से 15,000 कर्मचारी ठेका प्रथा या कौशल रोजगार निगम के तहत अस्थायी रूप से तैनात हैं। हरियाणा के सभी शहरी निकायों को मिलाकर नियमित (परमानेंट) सफाई कर्मचारियों की संख्या 4,000 से 5,000 के आसपास बची है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों में कार्यरत लगभग 11,000 ग्रामीण सफाई कर्मचारी अलग शामिल हैं।)
- अन्य विभागों में आंदोलन का डर: यदि 13,000 सफाईकर्मियों को सीधे पक्का किया जाता है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोडवेज जैसे अन्य विभागों के 1.5 लाख से अधिक कच्चे कर्मचारी भी पक्का होने के लिए हड़ताल पर उतर आएंगे।
- कानूनी अड़चन (सुप्रीम कोर्ट का आदेश): सुप्रीम कोर्ट (उमा देवी केस, 2006) के नियमानुसार बिना तय भर्ती प्रक्रिया के कच्चे कर्मचारियों को सीधे पक्का करना असंवैधानिक है। ऐसा करने पर मामला कोर्ट में अटक सकता है।
- वित्तीय बोझ: कर्मचारियों को पक्का करने पर पे-कमिशन, पेंशन और मेडिकल जैसे भत्ते देने होंगे, जिससे राज्य के खजाने पर हर साल करोड़ों रुपये का अतिरिक्त स्थायी बोझ पड़ेगा।
- सरकार का बीच का रास्ता (एक्ट 2024): सरकार का तर्क है कि उसने ‘एक्ट 2024’ के तहत 60 साल की नौकरी की गारंटी (सेवा सुरक्षा), ₹2,000 जोखिम भत्ता और वेतन वृद्धि दे दी है। ऐसे में पक्का करने के लिखित आदेश के बिना भी जॉब सिक्योरिटी मिल चुकी है।

महिला सफाई कर्मचारियों का इंटरव्यू लेते सीजेपी टीम।
दिल्ली-हरियाणा से पहुंची सीजेपी टीम का कर्मचारियों को समर्थन
- सोशल मीडिया को बनाएंगे माध्यम : सीजेपी की ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को समझाया गया कि वे अपने आंदोलन से जुड़ी वास्तविक जानकारी खुद लोगों तक पहुंचाएं। कहा कि सोशल मीडिया पर नियमित और सकारात्मक तरीके से अपनी बात रखने से आंदोलन की पहुंच बढ़ सकती है। इसके लिए किसी बड़े प्लेटफॉर्म का इंतजार करने के बजाय कर्मचारी खुद मोबाइल के जरिए अपनी आवाज जनता तक पहुंचा सकते हैं।
- कर्मचारियों के इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किए : CJP टीम ने सिर्फ ट्रेनिंग तक ही अपनी गतिविधि सीमित नहीं रखी, बल्कि धरना स्थल पर मौजूद सफाई कर्मचारियों से सीधे बातचीत भी की। टीम ने कर्मचारियों के इंटरव्यू रिकॉर्ड किए और उनकी मांगों, आंदोलन की स्थिति तथा सरकार से अपेक्षाओं के बारे में जानकारी ली।
- बैठक में आने से रोकने का किया दावा : इंडिया नॉर्थ एंड ईस्ट जोन इंचार्ज अंकित भारद्वाज ने आरोप लगाया कि CJP की बैठक में शामिल होने से उनके साथियों को रोका गया। साथियों के पास पुलिस के फोन गए और उन पर बैठक में नहीं आने के लिए दबाव बनाया गया। इस मौके पर अंकित भारद्वाज, इंचार्ज इंडिया ईस्ट एंड नार्थ जोन; डॉ. विवेक सांगवान, मेंबर इंडिया नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेशन कमेटी और अजय देशवाल, मेंबर इंडिया नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेशन कमेटी मौजूद रहे।

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फरीदाबाद में सफाईकर्मियों ने स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा किया। सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह मंत्री के काफिले में शामिल कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़ गए। माइक लेकर ‘हल्ला बोल हल्ला बोल’ के नारे लगाने लगे। उनके समर्थन में अन्य सफाईकर्मी झाड़ू लहराने लगे। (पूरी खबर पढ़ें)
