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राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। इस नियुक्ति के बाद सोमवार को जोधपुर में उनके लिए विदाई समारोह रखा गया। यह कार्यक्रम राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित किया। अधिवक्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी और लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत ने जस्टिस भाटी का माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने युवा अधिवक्ताओं से अपील की कि वे हड़ताल से दूर रहें और ईमानदारी से काम करें। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि मैंने खुद कई हड़तालों में हिस्सा लिया था। बोले- दिल से हमेशा जुडे़ रहेंगे समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस भाटी भावुक हो गए। उन्होंने कहा- 1992 से अब तक करीब 35 सालों में मैंने जो कुछ भी कमाया, उससे कहीं ज्यादा सम्मान और प्यार उन्हें एक ही दिन में मिल गया है। उन्होंने कहा- भले ही मैं अब आधिकारिक तौर पर जोधपुर की बार का हिस्सा नहीं रहूंगा, लेकिन दिल से हमेशा इससे जुड़े रहूंगा। यहां से मिल रहा प्यार और ताकत देश और संविधान की सेवा में उनके लिए एक बड़ी शक्ति बनेगी। बोले- उम्मीद है बिल्डिंग जल्द होगी ठीक जस्टिस भाटी ने हाईकोर्ट भवन की स्थिति को लेकर भी अधिवक्ताओं को भरोसा दिया। उन्होंने कहा- संस्था इतनी मजबूत है कि कोई उसे कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही भवन को ठीक कर दिया जाएगा और नई बिल्डिंग भी बनेगी। उन्होंने कहा- अधिवक्ताओं का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा- आज हालात बदल चुके हैं। मुकदमों की बढ़ती संख्या, जागरूक क्लाइंट और सोशल मीडिया के इस दौर में वकीलों को संयम और मर्यादा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जस्टिस भाटी ने युवा वकीलों से तकनीक अपनाने और राजस्थान हाईकोर्ट को देश का सबसे तकनीकी रूप से सक्षम हाईकोर्ट बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो युवा अधिवक्ता धैर्य, मेहनत और निरंतरता के साथ काम करेंगे, उनके लिए सफलता की कोई कमी नहीं है।
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जस्टिस भाटी जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने:जोधपुर में विदाई समारोह में हुए भावुक; युवा वकीलों को बोले- हड़ताल से दूर रहें
