Headlines

Haryana Weather Update | Monsoon Weakens, Temperature Rises in Hisar


हिसार13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
हिसार में दोपहर के समय गर्मी में साइकिल से जाता बुजुर्ग व तेज हवाएं चलती हुईं। - Dainik Bhaskar

हिसार में दोपहर के समय गर्मी में साइकिल से जाता बुजुर्ग व तेज हवाएं चलती हुईं।

हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग और कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के ताजा बुलेटिन के अनुसार राज्य में 8 सितंबर से मानसून की सक्रियता कम होने की संभावना है।

12 सितंबर तक प्रदेश में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहेगा और इस दौरान पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसूनी टर्फ रेखा की उत्तरी सीमा इस समय श्री गंगानगर, नारनौल, देहरी, पुरुलिया, दीघा से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

इसके साथ ही एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण हरियाणा में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। हरियाणा में मानसून की बारिश इस बार कम हुई है।

हिसार में सुबह आसमान में छाए हल्के बादल।

हिसार में सुबह आसमान में छाए हल्के बादल।

पश्चिमी हवाओं से पारा चढ़ा, हिसार सबसे गर्म

मौसम केंद्र चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के औसतन अधिकतम तापमान में 2.7°C का उछाल दर्ज किया गया है। राज्य में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान हिसार में 38.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है।

भिवानी में 36.5°C, चरखी दादरी में 36.3°C, सिरसा में 35.9°C और फरीदाबाद-पलवल में तापमान 35.4°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं प्रदेश में औसत न्यूनतम तापमान में 0.2°C की मामूली गिरावट रही। सबसे कम न्यूनतम तापमान रेवाड़ी के बावल में 22.8°C दर्ज किया गया।

विभिन्न जिलों में दर्ज किया गया तापमान।

विभिन्न जिलों में दर्ज किया गया तापमान।

एक्सपर्ट बोले- दिन में गर्मी और बढ़ेगी

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ के अनुसार मानसून टर्फ की अक्षय रेखा और उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से राज्य में 8 सितंबर से मानसून की सक्रियता कम हो जाएगी।

12 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा तथा बीच-बीच में आंशिक बादलवाही देखने को मिल सकती है। पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में वृद्धि होगी, जिससे कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ सिर्फ छिटपुट बारिश की ही संभावना है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *