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सहारनपुर में 114 साल पुरानी मस्जिद ध्वस्त:अमरोहा में मुस्लिम कमेटी ने जताया कड़ा विरोध, राष्ट्रपति को भेजा मांग पत्र




सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित 114 साल पुरानी वक्फ कलेक्ट्रेट मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के विरोध में अमरोहा की मुस्लिम कमेटी ने आपत्ति जताई है। मंगलवार दोपहर 12 बजे मोहल्ला कुरैशी स्थित कैंप कार्यालय में हाजी खुर्शीद अनवर की अध्यक्षता में कमेटी की आपात बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र भेजने का फैसला लिया गया। एसडीएम के जरिए राष्ट्रपति को भेजेंगे ज्ञापन कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि मांग पत्र उपजिलाधिकारी अमरोहा के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। इसमें मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। वक्फ बोर्ड में दर्ज होने का दावा कमेटी के अनुसार, सहारनपुर के मौजा पठानपुरा में गाटा संख्या 539 पर यह पुरानी मस्जिद बनी थी। मस्जिद 28 बीघा 4 बिस्वा 4 बिस्वांसी जमीन पर स्थित बताई गई है। कमेटी का कहना है कि वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 37 के तहत संपत्ति को वक्फ अलल खैर के रूप में वक्फ नंबर 451, कलेक्ट्रेट मस्जिद सहारनपुर के नाम से उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ में दर्ज किया गया था। कमेटी के मुताबिक, बोर्ड ने मोहम्मद तनवीर अहमद एडवोकेट को मस्जिद का मुतवल्ली (प्रबंधक) नियुक्त किया था।
5 सितंबर को ध्वस्तीकरण का आरोप मुस्लिम कमेटी का आरोप है कि सहारनपुर नगर मजिस्ट्रेट के 16 जुलाई के आदेश के बाद 5 सितंबर को मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। कमेटी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात था और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कमेटी ने इसे प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 का उल्लंघन बताया है। साथ ही वक्फ अधिनियम की धारा 85 का हवाला देते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में सिविल या राजस्व न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र को लेकर कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। जिला न्यायालय में अपील खारिज होने के बाद कार्रवाई कमेटी ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के 16 जुलाई के आदेश के खिलाफ जिला न्यायाधीश, सहारनपुर की अदालत में अपील संख्या 108/2026 दायर की गई थी। कमेटी के अनुसार, जिला न्यायाधीश ने 2 सितंबर को अपील खारिज कर दी थी। कमेटी का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती देने के लिए उपलब्ध समय सीमा पूरी होने से पहले ही 5 सितंबर को मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई रोकने की मांग कमेटी ने मांग की है कि प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल के खिलाफ कार्रवाई से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। इसके अलावा कमेटी ने देशभर में मस्जिदों, दरगाहों और खानकाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।



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