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करौली में पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 14 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला सूरौठ थाना क्षेत्र का है। सरकारी वकील गजेंद्र शर्मा ने बताया कि न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा ने 14 गवाहों के बयान और 31 दस्तावेजी सबूतों के आधार पर यह फैसला सुनाया। पीड़िता की मां ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिजनों ने आरोपी से फोन पर बेटी के बारे में पूछा, लेकिन उसने कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया। सरकारी वकील के मुताबिक आरोपी नाबालिग का अपहरण कर जयपुर ले गया था। वहां उसने नाबालिग की मर्जी के खिलाफ उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बालिका को उसके पिता की मौजूदगी में जयपुर से ढूंढ निकाला और मेडिकल जांच व जरूरी कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी दोबारा पीड़िता को अपने साथ ले गया और उससे शादी कर ली। सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी पहले से ही शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी से बच्चे भी थे। मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा 31 दस्तावेजी सबूत कोर्ट में पेश किए गए और उन्हें सही साबित किया गया। विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट करौली बृजेश कुमार शर्मा ने मौजूद सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 10 साल के कठोर कारावास और 14 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
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अपहरण और रेप के दोषी को 10 साल की जेल:पॉक्सो कोर्ट ने 14 हजार का जुर्माना भी लगाया, आरोपी पहले से शादीशुदा था
