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अपराध पर अंकुश लगाने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का असर अब गांवों में भी दिखाई देने लगा है। तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने स्वेच्छा से 15 हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस के सामने जमा कराया है। इनमें चाकू, तलवार, रॉड सहित अन्य सामान शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश में चल रहे अभियान में पुलिस के साथ गांवों के सरपंच और जनप्रतिनिधि भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे ग्रामीणों और पालकों को हथियार रखने से होने वाले नुकसान और नए कानून के प्रावधानों की जानकारी दे रहे हैं। लगातार जागरूकता के बाद ग्रामीण खुद आगे आकर अपने पास रखे हथियार पुलिस को सौंप रहे हैं। बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखने की अपील रायपुर ग्रामीण डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि कई बार अचानक आए गुस्से या मामूली विवाद में हथियार का इस्तेमाल गंभीर अपराध का कारण बन जाता है। छोटी-सी कहासुनी में चाकू, तलवार या रॉड का इस्तेमाल होने से किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लग सकती है या मामला जानलेवा भी हो सकता है। इसी वजह से पुलिस की ओर से बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखने के लिए पालकों को भी जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि घर या आसपास ऐसे हथियार न रखें, जिनका इस्तेमाल विवाद की स्थिति में नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। जनसहयोग से अपराध रोकने की कोशिश पुलिस की कार्रवाई के साथ ग्रामीणों का सहयोग मिलने से अभियान को मजबूती मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा स्वेच्छा से हथियार जमा कराना पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गांव-गांव में सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य हथियारों से होने वाली हिंसक घटनाओं को रोकना और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित माहौल तैयार करना है।
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रायपुर ग्रामीण पुलिस की समझाइश का असर:ग्रामीणों ने सौंपे 15 हथियार, चाकू, तलवार और रॉड भी जमा किया
