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मंडी में स्टोन क्रशर के मलबे से जनजीवन प्रभावित:गोहर क्षेत्र में फसलें बरबाद, रास्ते जोखिम भरे, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग




मंडी के विकास खंड गोहर की ग्राम पंचायत काशन में संचालित ‘स्यांज वैली सैंड एंड स्टोन क्रशर’ को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि क्रशर से लगातार निकलने वाले मलबे और गाद (कीचड़) के कारण थमलाहा–बुरहाटा–बाया काशन मुख्य सड़क मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो रही है। यह मलबा न सिर्फ राहगीरों के लिए आफत बना है, बल्कि लोगों की निजी भूमि, उपजाऊ खेतों और रिहायशी बस्तियों तक भी पहुंच रहा है, जिससे इलाके में गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत दखल देकर स्थायी समाधान की गुहार लगाई है। फसलें बर्बाद, ट्रांसफार्मर पर भी मंडराया खतरा ग्राम पंचायत काशन की प्रधान हिमाचली देवी, ग्रामीण संतोष कुमार और श्रवण कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि क्रशर की गाद खेतों में फैलने से फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कई रिहायशी मकानों के ठीक पास तक भारी मलबा जमा हो चुका है, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने यह अंदेशा भी जताया कि सड़क किनारे लगा मुख्य विद्युत ट्रांसफार्मर भी कभी भी इस मलबे की चपेट में आ सकता है, जिससे भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी या जान-माल का नुकसान हो सकता है। 150 स्कूली बच्चों और पशुपालकों का सफर हुआ जोखिमभरा स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, इसी प्रभावित मार्ग से होकर राजकीय उच्च माध्यमिक पाठशाला और राजकीय प्राथमिक पाठशाला नरवांडी के करीब 150 मासूम बच्चे प्रतिदिन पढ़ाई के लिए आते-जाते हैं। सड़क पर चारों तरफ फैली गाद और फिसलन के कारण बच्चों को पैदल चलने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा, रोजाना दूध की आपूर्ति करने वाले स्थानीय ग्रामीण, पशुपालक और अन्य राहगीर भी इस रास्ते पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। प्रधान हिमाचली देवी ने रोष जताते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसडीएम गोहर, लोक निर्माण विभाग और शिमला स्तर तक कई लिखित शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के कारण आई गाद, करेंगे नुकसान की भरपाई: क्रशर प्रबंधन मामले को लेकर जब क्रशर प्रबंधन से बात की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के कारण ही गाद बहकर सड़क पर आई थी। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मशीनों के जरिए सारा मलबा हटाकर सड़क को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा और मार्ग बहाल होने के बाद ही क्रशर का दोबारा संचालन शुरू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि क्रशर के कारण किसी भी ग्रामीण की निजी भूमि या फसल को कोई नुकसान पहुंचा है, तो प्रबंधन उसकी पूरी भरपाई करने के लिए तैयार है। अधिकारियों का रुख: दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई लोक निर्माण विभाग: पीडब्ल्यूडी मंडल गोहर के अधिशासी अभियंता संजय शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि विभागीय सड़क को किसी भी सूरत में बाधित करने का अधिकार किसी को नहीं है। यदि किसी व्यावसायिक गतिविधि के कारण सड़क अवरुद्ध हुई है, तो संबंधित पक्ष को उसे तुरंत बहाल करना होगा, ऐसा न करने पर विभाग नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा। प्रशासन: एसडीएम गोहर देवी राम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिलते ही संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) को मौके का गहन निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में जो भी पक्ष नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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