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जींद में बस स्टैंड के पास जलेबी चौक पर बनी एक अस्थाई गोशाला पर नगर परिषद प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। चंदे से बने शेड को जेसीबी से गिरा दिया गया, जिससे गोभक्तों में नाराजगी है। गोसेवकों का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना किसी नोटिस के की गई है। गोसेवकों ने बताया कि यह जगह पहले नगर परिषद का कूड़ा डालने का पॉइंट था। यहां 80 साल से ज्यादा उम्र के दंडी स्वामी जी महाराज ने अपनी पेंशन और गोभक्तों की मदद से एक अस्थाई शेड बनाया था। इसमें बेसहारा गोवंश को रखा जाता था। दिन में गायों को चराया जाता था और रात में यहीं रखा जाता था। जेसीबी से गिराया टीन शेड मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि प्रशासन ने अचानक जेसीबी मंगवाकर टीन शेड को गिरा दिया। इस वजह से दर्जनों गाय खुले आसमान के नीचे आ गई हैं। गोशाला की जगह पर टूटी हुई टीन-चादरें और मलबा बिखरा पड़ा है। गोसेवकों ने बताया कि उन्होंने जिला उपायुक्त से मिलकर सामान हटाने के लिए दो महीने का समय मांगा था। लेकिन, उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। एक समाजसेवी ने वीडियो में कहा कि जिस सरकार को गोमाता के नाम पर समर्थन दिया, वही सरकार गोशाला तोड़ रही है, जबकि उसे नई गोशाला खोलनी चाहिए थी। गोसेवकों का सोशल मीडिया पर विरोध गोभक्तों का कहना है कि सड़कों पर घूम रही ये गाय आवारा नहीं, बल्कि बेसहारा हैं। गोचरान की जमीनों पर कब्जा होने से उनके चरने की जगह नहीं बची है। उन्होंने मांग की है कि शहर की गोचरान भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए और तोड़ी गई गोशाला को दोबारा बनवाया जाए। इस मामले को लेकर गोभक्तों ने सोशल मीडिया पर विरोध शुरू कर दिया है। वे प्रशासन से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से इस बारे में बात नहीं हो पाई है।
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जींद नगर परिषद ने गिराई अस्थाई गोशाला:दंडी स्वामी महाराज ने अपनी पेंशन से बनवाई, गोसेवकों ने जताया विरोध
