महासमुंद जिले में संभाग स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं को लेकर शिक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि विभाग ने पहले से तय आयोजन स्थल बदलकर प्रतियोगिता दूसरे स्थान पर करा दी, लेकिन नए स्थल पर खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाओं का पर्याप
.
गर्मी, जगह की कमी, शौचालय और छात्राओं के लिए चेंजिंग रूम नहीं होने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। आयोजन स्थल की कथित अव्यवस्थाओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
8 सितंबर को बसना में आयोजित प्रतियोगिता में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी और बलौदाबाजार समेत कई जिलों से 200 से ज्यादा खिलाड़ी पहुंचे थे। प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने पहुंचे खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने आयोजन स्थल की व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।
शिकायतकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र देकर आयोजन स्थल बदलने और व्यवस्थाओं में सुधार कराने की मांग की है।

पहले तय जगह बदलकर बसना में कराया आयोजन
टीन शेड के नीचे गर्मी से परेशान हुए खिलाड़ी
शिकायत के मुताबिक, आयोजन स्थल पर टीन शेड होने के कारण अंदर काफी गर्मी थी। वहां पंखे और कूलर लगाए गए थे, लेकिन खिलाड़ियों का आरोप है कि इसके बावजूद गर्मी से पर्याप्त राहत नहीं मिली। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि खिलाड़ियों की सेहत और खेल सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल का चयन किस आधार पर किया गया।
संभाग स्तर की प्रतियोगिता में चार जिलों से 200 से ज्यादा खिलाड़ियों के पहुंचने की संभावना पहले से थी। इसके बावजूद आयोजन स्थल की क्षमता और वहां उपलब्ध सुविधाओं का पर्याप्त आकलन किया गया या नहीं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जगह छोटी, शौचालय और छात्राओं के चेंजिंग रूम की कमी
छोटी जगह में बैठने और आराम की भी दिक्कत
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आयोजन स्थल की जगह खिलाड़ियों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसके चलते खिलाड़ियों को बैठने, आराम करने और प्रतियोगिता के आयोजन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि जिस प्रतियोगिता में उन्हें अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और बेहतर प्रदर्शन के लिए पहुंचना था, वहां उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए ही परेशान होना पड़ रहा है।

प्रतियोगिता में 4 जिलों के 200 से ज्यादा खिलाड़ी पहुंचे
शौचालय कम, छात्राओं के लिए चेंजिंग रूम नहीं
व्यवस्थाओं को लेकर सबसे गंभीर शिकायत शौचालय और चेंजिंग रूम को लेकर सामने आई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में वॉशरूम नहीं हैं। वहीं, छात्राओं के लिए अलग चेंजिंग रूम की व्यवस्था भी नहीं की गई।
यह स्थिति केवल आयोजन की व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि छात्राओं की सुविधा, निजता और गरिमा से भी जुड़ी है। ऐसे में इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता के लिए आयोजन स्थल का चयन और वहां की तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


खिलाड़ियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाले
आयोजन स्थल की कथित अव्यवस्थाओं को लेकर खिलाड़ियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। इन वीडियो में खिलाड़ियों की ओर से गर्मी, जगह की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर नाराजगी जताई गई है।
सोशल मीडिया पर सामने आए इन वीडियो के बाद आयोजन की तैयारियों और स्थल चयन को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं। खिलाड़ियों और अभिभावकों का कहना है कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

अभिभावकों ने कहा- बच्चों की सुविधाओं से समझौता ठीक नहीं
अभिभावकों का कहना है कि बच्चे उत्साह और उम्मीद के साथ संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। ऐसे में पेयजल, बैठने की पर्याप्त जगह, शौचालय और छात्राओं के लिए चेंजिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आयोजन की जिम्मेदारी है।
उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से समझौता कर प्रतियोगिता कराना उचित नहीं है। खासकर जब आयोजन स्थल पहले से तय होने के बाद बदला गया हो, तो नए स्थल का चयन करने से पहले वहां की व्यवस्थाओं का पूरा आकलन किया जाना चाहिए था।

कोच पर वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया
इसी बीच सोशल मिडिया में वीडियो पोस्ट करने और वीडियो बनाए जाने का विरोध करते हुए प्रबंधन के लोगों ने सेमरिया से आए हुए कोच के साथ दुर्व्यवहार करते हुए कॉलर पकड़ा कर वीडियो डिलीट करने का दबाव भी बनाया गया। साथ ही शाम 5 बजे जिस खेल का ससमापन होना था वहां अव्यवस्था के चलते देर रात तक खेल चलते रहे।
पहले तय जगह बदली, नए स्थल की तैयारी पर सवाल
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल आयोजन स्थल बदलने को लेकर है। जब प्रतियोगिता के लिए पहले से स्थान निर्धारित था, तो उसे बदलकर नया स्थल चुनने से पहले क्षमता, गर्मी से बचाव, पेयजल, शौचालय, छात्राओं के चेंजिंग रूम, बैठने की जगह और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की गई थी या नहीं, यह सवाल अब उठ रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन देकर तत्काल व्यवस्था सुधारने और जरूरत पड़ने पर आयोजन स्थल बदलने की मांग की हैसाथ ही शाम 5 बजे जिस खेल का ससमापन होना था वहां अव्यवस्था के चलते देर रात तक खेल चलते रहे।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
………………
इस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए
16 किमी पैदल चलीं छात्राएं, प्रिंसिपल हटाए गए:वॉर्डन को नोटिस, स्कूल में 3 महीने से बिजली बंद, पढ़ाई और सफाई की समस्या थी

सरगुजा के शिवपुर एकलव्य स्कूल की छात्राएं सोमवार को 16 किमी पैदल चलकर कलेक्टर के पास पहुंचीं और अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने बताया कि स्कूल में 3 महीने से बिजली नहीं है, फिजिक्स-केमेस्ट्री की पढ़ाई ठीक नहीं हो रही और मेस की सफाई व्यवस्था भी खराब है। …पढ़िए पूरी खबर
