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नूंह जिले में निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब सख्त हो गया है। गुरुवार (10 सितंबर) को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 2 अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान जमालगढ़ रोड पर जायेशा अस्पताल और पुन्हाना के सकुनत अस्पताल में कई गड़बड़ियां मिलीं। जायेशा अस्पताल के निरीक्षण में अस्पताल तो खुला था, लेकिन वहां कोई डॉक्टर या स्टाफ नहीं मिला। मौके पर सिर्फ एक महिला अपने बच्चे के साथ थी। महिला ने बताया कि उसने अस्पताल में 2 दिन पहले ही काम शुरू किया है। विभाग के अनुसार, पहले भी निरीक्षण में यह अस्पताल बंद मिला था और डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं था। इसके बावजूद, पिछले महीने इस अस्पताल से 54 बच्चों के जन्म पंजीकरण किए जाने की जानकारी सामने आई। विभाग ने इसे गंभीर और संदिग्ध माना है। अस्पताल का कोई वैध पंजीकरण नहीं दूसरी ओर, पुन्हाना के सकुनत अस्पताल में बायोमेडिकल कचरे को ठिकाने लगाने की कोई व्यवस्था या सामान नहीं था। निरीक्षण के दौरान ऑटोक्लेव मशीन भी नहीं मिली। इतना ही नहीं, अस्पताल में मिली दवाइयों के बिल अस्पताल के नाम पर थे, जबकि रिकॉर्ड के हिसाब से अस्पताल का कोई वैध पंजीकरण नहीं था। अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी स्वास्थ्य विभाग नूंह के एसएमओ डॉ. कपिल देव ने बताया कि दोनों अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 3 दिन के अंदर साफ और सही जवाब देने को कहा गया है। उन्होंने साफ किया कि अगर जवाब नहीं मिला या वह संतोषजनक नहीं हुआ, तो सीआरएस पंजीकरण रद्द करने समेत नियम के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने 2 अस्पतालों को दिया नोटिस:नूंह में 3 दिन में जवाब मांगा, नहीं तो लाइसेंस रद्द होगा
