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पिपरिया में गोविंदनगर स्थित ग्राम ज्ञानपीठ ने गणेश उत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय कला को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल की है। स्कूली बच्चों और स्थानीय शिल्पकारों के सहयोग से 500 से अधिक विशुद्ध मिट्टी की इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं तैयार कराई हैं। ग्राम ज्ञानपीठ के सतीश पटेल ने बताया कि प्राकृतिक मिट्टी से बनी ये प्रतिमाएं पानी में आसानी से घुल जाती हैं, जिससे स्थानीय जल स्रोत प्रदूषित होने से बचेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण रक्षा के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों के हुनर और रोजगार को प्रोत्साहन देना है। स्थानीय कारीगरों और छात्रों की मेहनत शिल्पकार पंचम प्रजापति, अमित गोधन प्रजापति, दुर्गेश ठाकुर, ललित पूर्वी और कीर्ति ने 7 इंच से लेकर 2 फीट तक के विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियां गढ़ी हैं। इन प्रतिमाओं में विद्यार्थियों ने आस्था के रंग भरे हैं। ये प्रतिमाएं बनखेड़ी बाजार में 100 रुपए से 1,000 रुपए की किफायती कीमत में बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी। इको-फ्रेंडली गणेश अपनाने की अपील न्यास ने लोगों और गणेश उत्सव समितियों से पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने का आह्वान किया है।
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पिपरिया में 500 से अधिक मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाईं:स्कली बच्चों ने रंग भरकर सजाईं, बाजार में 100 से 1,000 में मिलेंगी
