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- Tulsi Health Benefits; Basil Leaves Myths & Facts Nutritional Values | Tulsi Ke Fayde
4 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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घर में किसी को सर्दी-जुकाम या खांसी हो जाए तो दादी-नानी अक्सर ‘तुलसी का काढ़ा’ पीने की सलाह देती हैं। चरक संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों में तुलसी को ‘जड़ी-बूटियों की रानी’ कहा गया है। हिंदू परंपरा में इसे पवित्र पौधा माना जाता है। साथ ही लंबे समय से औषधीय उपयोग के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।
‘जर्नल ऑफ आयुर्वेद एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, तुलसी में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये गुण शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम तुलसी के फायदों पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- तुलसी की पत्तियों में कौन-से पोषक तत्व होते हैं?
- तुलसी से जुड़े मिथ और फैक्ट्स क्या हैं?
एक्सपर्ट- डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’
सवाल- तुलसी की पत्तियों में ऐसे कौन-से पोषक और बायोएक्टिव तत्व होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- तुलसी की पत्तियों में विटामिन A, C के साथ कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैं।
- इनमें यूजेनॉल, उर्सोलिक एसिड, बीटा-कैरियोफिलीन, लिनालूल और 1,8-सिनेओल जैसे बायोएक्टिव कंपाउंड भी मौजूद होते हैं।
- ये शरीर को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने, सूजन कम करने और शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं को सपोर्ट करते हैं।

तुलसी के बायोएक्टिव कंपाउंड की लिस्ट और उनके प्रभाव ग्राफिक में देखिए-

सवाल- तुलसी की पत्ती खाने से शरीर को क्या हेल्थ बेनिफिट होता है?
जवाब- तुलसी के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण और बायोएक्टिव कंपाउंड्स शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। सभी संभावित फायदे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या तुलसी स्ट्रेस और एंग्जाइटी को कम करने में मदद करती है?
जवाब- हां, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल के मुताबिक, तुलसी में एडेप्टोजेनिक गुण होता है। यानी यह शरीर को तनाव से निपटने में मदद करती है। हालांकि इसे एंग्जाइटी या किसी मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम का इलाज नहीं मानना चाहिए।
सवाल- क्या तुलसी के पत्ते नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं?
जवाब- हां, साल 2017 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, तुलसी के अर्क से नींद की क्वालिटी बेहतर होती है।
सवाल- क्या तुलसी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है?
जवाब- हां, इसमें मौजूद यूजेनॉल, पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड्स जैसे कंपाउंड्स ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं। हालांकि यह डायबिटीज की दवाओं का विकल्प नहीं है।
सवाल- क्या तुलसी पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है?
जवाब- हां, इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स डाइजेस्टिव सिस्टम को सपोर्ट करते हैं। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, पेट की अंदरूनी परत (गैस्ट्रिक म्यूकोसा) को नुकसान से बचाने में मदद करती है।
यही कारण है कि आयुर्वेद में लंबे समय से तुलसी का इस्तेमाल अपच, गैस, पेट फूलना और पेट की अन्य हल्की समस्याओं में किया जाता रहा है।
सवाल- क्या तुलसी हार्ट हेल्थ और कोलेस्ट्रॉल के लिए फायदेमंद हो सकती है?
जवाब- शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और सूजन बढ़ने पर ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है। इससे आर्टरीज (धमनियों) में फैट जमा होने लगता है। तुलसी में मौजूद यूजेनॉल और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड्स इसे कम करने में मदद करते हैं। साथ ही तुलसी कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करती है, जो हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। हालांकि यह हार्ट डिजीज की दवा का विकल्प नहीं है।
सवाल- क्या इन्हें सीधे चबाना बेहतर है या चाय/काढ़े के रूप में लेना?
जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप तुलसी का सेवन किस उद्देश्य से कर रहे हैं। तुलसी की ताजी पत्तियां चबाने पर इसके कुछ वाष्पशील (वॉलेटाइल) बायोएक्टिव कंपाउंड्स सीधे मिलते हैं। वहीं चाय या काढ़े में लेने पर पानी में घुलने वाले कई अन्य लाभकारी तत्व शरीर तक पहुंचते हैं।
सवाल- क्या तुलसी के पत्ते हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित हैं? किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
जवाब- आमतौर पर सीमित मात्रा में तुलसी हर किसी के लिए सुरक्षित है। लेकिन कुछ लोगों को डेली तुलसी खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या ज्यादा तुलसी खाने से कोई साइड इफेक्ट हो सकता है?
जवाब- हां, जरूरत से ज्यादा तुलसी खाने से मतली, दस्त या पेट से जुड़ी अन्य परेशानी हो सकती है। इसलिए सीमित मात्रा में ही इसे खाना चाहिए।
सवाल- तुलसी से जुड़े मिथ और फैक्ट्स क्या हैं?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
मिथ-1: तुलसी के पत्ते खाने से कोई बीमारी नहीं होती।
सच्चाई- सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन किसी बीमारी से बचाव की गारंटी नहीं।
मिथ-2: रोज खाली पेट तुलसी खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है।
सच्चाई- इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करती है, लेकिन ‘इम्यूनिटी बूस्टर’ मानना सही नहीं।
मिथ-3: तुलसी डायबिटीज को ठीक कर सकती है।
सच्चाई- ब्लड शुगर कम करने में मददगार, लेकिन दवा का विकल्प नहीं।
मिथ-4: तुलसी खाने से तनाव और अनिद्रा पूरी तरह खत्म हो जाती है।
सच्चाई- थोड़ा सुधार संभव, लेकिन इसका इलाज नहीं।
मिथ-5: तुलसी कैंसर से बचाती है।
सच्चाई- वैज्ञानिक सबूत नहीं है।

तुलसी से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब
सवाल- क्या सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते खाना जरूरी है या इसे दिन में किसी भी समय लिया जा सकता है?
जवाब- इसे दिन में किसी भी समय खाया जा सकता है।
सवाल- एक दिन में कितने तुलसी के पत्ते खाना उचित है?
जवाब- डॉक्टर अनु अग्रवाल के मुताबिक, डेली 3-5 ताजी तुलसी की पत्तियां खाना सुरक्षित है।
सवाल- क्या तुलसी के पत्ते रोज खाने से सर्दी-जुकाम से बचाव होता है?
जवाब- तुलसी इम्यूनिटी को सपोर्ट कर सकती है। लेकिन रोज पत्ते खाने से सर्दी-जुकाम से बचाव होता है, इसका पुख्ता प्रमाण नहीं है।
सवाल- क्या तुलसी के पत्ते सांस से जुड़ी तकलीफों में फायदेमंद हैं?
जवाब- तुलसी के कुछ कंपाउंड में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए गए हैं। लेकिन अस्थमा या सांस की बीमारी के इलाज के लिए इसे दवा का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
सवाल- क्या तुलसी मुंह की बदबू और ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद है?
जवाब- तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो ओरल हेल्थ के लिए मददगार हो सकते हैं। लेकिन यह ब्रशिंग और डेंटल केयर का विकल्प नहीं है।
सवाल- क्या तुलसी को अदरक, शहद या नींबू के साथ लेना ज्यादा फायदेमंद है?
जवाब- इनके साथ लेने से स्वाद और कुछ पोषक तत्व बढ़ सकते हैं।
सवाल- क्या तुलसी के पत्तों को उबालने से उनके पोषक तत्व कम हो जाते हैं?
जवाब- हां, उबालने से कुछ पोषक तत्व और बायोएक्टिव कंपाउंड कम हो सकते हैं। हालांकि इसका असर उबालने के तरीके और समय पर निर्भर करता है। धीमी आंच में थोड़ी देर पकाना बेहतर है।
सवाल- क्या तुलसी के पत्तों को फ्रिज में रखना सही है?
जवाब- हां, तुलसी की ताजी पत्तियों को फ्रिज में रखा जा सकता है। इन्हें सूखने से बचाने के लिए एयरटाइट या पेपर टॉवल में लपेटकर रखना बेहतर है।
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ग्राफिक्स- अंकुर बंसल
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