Headlines

12 अक्टूबर तक झारखंड से लौटेगा मानसून:रांची में रुक-रुककर बारिश जारी, 17 सितंबर तक हल्के से मध्यम बरसेंगे बादल




रांची, खूंटी और सरायकेला-खरसावां सहित कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। देर रात से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। राजधानी में इस मानसून बारिश ने 1000 मिमी का आंकड़ा पार कर लिया है। मौसम केंद्र रांची के 11 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक रांची में 1043 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 910.1 मिमी है। यानी सामान्य से 132.9 मिमी यानी 15% अधिक बारिश हुई है। राज्य के 24 जिलों में रांची उन जिलों में शामिल है, जहां मानसून की बारिश सामान्य से अधिक है। शुक्रवार को भी सुबह 8.30 बजे से झमाझम बारिश हुई और कुल 6.2 मिमी पानी बरसा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले छह दिनों तक रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। सितंबर का 66% कोटा पूरा, अब सिर्फ 71 मिमी बारिश चाहिए सितंबर में भी राजधानी में बारिश सामान्य कोटे के करीब पहुंच गई है। पूरे सितंबर में सामान्य बारिश 212 मिमी है, जबकि 11 सितंबर तक करीब 141 मिमी पानी बरस चुका है। यानी महीने के सामान्य कोटे का करीब 66% पानी 11 दिनों में ही बरस गया है। अब सितंबर का सामान्य कोटा पूरा होने के लिए सिर्फ 71 मिमी बारिश की जरूरत है। 17 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए इस आंकड़े के पूरा होने की उम्मीद है। अगले 24 घंटे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसून टर्फ के असर से झारखंड में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिसके कारण रांची समेत कई इलाकों में बारिश हो रही है। गर्मी में पानी की किल्लत की आशंका कम लगातार बारिश का असर रांची सहित राज्य के तमाम बड़े जलाशयों पर दिख रहा है। गोंदा डैम की क्षमता 28 फीट है और इसका जलस्तर 27 फीट तक पहुंच गया है। गेतलसूद डैम का जलस्तर भी 32 फीट पहुंच चुका है। इससे माना जा रहा है कि अगले वर्ष गर्मी में राजधानी के लोगों को पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पश्चिम मध्य हिस्से और दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून टर्फ के प्रभाव से झारखंड में नमी पहुंच रही है। हालांकि साइक्लोनिक सर्कुलेशन के ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर मुड़ने से 12 सितंबर की दोपहर बाद मौसम साफ होने की संभावना है। 13 सितंबर से मौसम पूरी तरह साफ हो सकता है। अक्टूबर में मानसून लौटने के आसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन कमजोर होने के बाद झारखंड को कुछ दिनों तक बारिश से राहत मिल सकती है। इस दौरान तापमान दो से तीन डिग्री या इससे अधिक बढ़ सकता है। वातावरण में नमी बनी रहने और तीन-चार दिन बाद फिर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने पर राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार 20 सितंबर तक बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड से मानसून 10 से 12 अक्टूबर तक लौट सकता है। ऐसे में दशहरा यानी दुर्गापूजा के दौरान बारिश से व्यवधान की आशंका कम है। अलनीनो का प्रभाव नवंबर-दिसंबर तक रहने की संभावना है। इसके कारण ठंड ज्यादा नहीं पड़ने, लेकिन इसके बाद अच्छी गर्मी पड़ने की उम्मीद है। अब तक अलनीनो के प्रभाव से देशभर में सामान्य से 15 से 20% कम और झारखंड में करीब 3% कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद जिलों में बारिश का वितरण अलग-अलग रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *