Headlines

ब्रिटिश फिलॉस्फर का दावा:पांच घातक झूठ जो हम सभी ने पाल रखे हैं; जैसे- सच्चा प्यार, खूब पैसा, अच्छी नौकरी व बंगला, तभी खुशी




आप मानें या नहीं, लेकिन हर व्यक्ति किसी न किसी झूठ या भ्रम में उलझा है। मनोवैज्ञानिकों और दार्शनिकों का दावा है कि मोटे तौर पर हर व्यक्ति कम से कम पांच-पांच झूठ पाले रखता है और यही दुख के सबसे बड़े कारण बनते हैं। दर्शनशास्त्रियों का कहना है कि हमारी जिंदगी को अनजाने में ही सही, लेकिन गलत विश्वासों के झूठ चलाते हैं। जैसे- कई लोग यह सोच रखते हैं कि सच्चा प्यार मिलेगा, तभी खुशी ​मिलेगी। ये पांच झूठ वो गहरे विश्वास हैं, जो हमारे अवचेतन में रहते हैं, जो हमारे फैसलों, सपनों और नींद पर असर डालते हैं। ब्रिटेन के फिलॉस्फर जॉनी थॉमसन से जानते हैं-वे झूठ, उनसे उबरने के उपाय… 1. सब कुछ मेरे कब्जे में हो यह झूठ सबसे ज्यादा तनाव देता है। ब्रिटेन के फिलॉस्फर जॉनी थॉमसन कहते हैं कि मन सब कुछ हासिल करना चाहता है। इससे उबरने के लिए थॉमसन यूनानी फिलॉस्फर एपिक्टेटस की याद दिलाते हैं, जिन्होंने कहा था कि हमें अपना ध्यान केवल उन चीजों पर लगानी चाहिए, जिन्हें हम बदल सकते हैं। बाकी सब स्वीकारना चाहिए। 2. सच्चा प्यार मिलेगा, तब खुश होऊंगा फ्रांसीसी फिलॉस्फर सिमोन दे बोवुआ ने कहा था कि व्यक्ति की यह सोच अधिक घातक है, क्योंकि यह अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर बनाती है। हम खुद को किसी प्रेमी या जुनून में बांध देते हैं। अन्य नहीं, खुद पर भरोसा करें। 3. मैं जो हूं, हमेशा वही रहूंगा यह सबसे बड़ा अहंकार (इगो) है। जॉनी थॉमसन ने स्कॉटलैंड के दार्शनिक डेविड ह्यूम के ह​वाले से बताया है कि इगो कोई चीज नहीं है, बल्कि विचारों, यादों और अनुभवों का पुलिंदा है, जो बदलता रहता है। कुछ भी हमेशा के लिए नहीं है। हम बदलते हैं, बढ़ते हैं और मरते हैं। 4. जो कुछ भी मिला, वो मेरा हक है दुनिया हमें कुछ भी देने के लिए बाध्य नहीं है। जबकि यह भ्रम पाल लेते हैं कि ये तो मेरा हक है। थॉमसन के अनुसार, जो है, उसी से संतुष्ट रहना सीखें। पत्थर को पहाड़ पर चढ़ाने जैसी जिंदगी में ही हंसी-मजाक ढूंढना चाहिए। 5. खूब पैसा, अच्छी नौकरी, बड़ा घर होने पर ही खुश होऊंगा यह आज के उपभोक्तावाद का सबसे बड़ा झूठ है। थॉमसन का दावा है कि दुनिया के सभी दार्शनिक, भिक्षु और संत इस बात पर लगभग एकमत हैं कि एक सीमा के बाद, ज्यादा चीजें आपको खुश नहीं करेंगी। जॉनी थॉमसन कहते हैं कि अगर आप थोड़े से संतुष्ट नहीं हैं, तो किसी चीज से भी संतुष्ट नहीं होंगे। गौतम बुद्ध ने लालसा को ही दुख का मूल कारण बताया था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *