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शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की फांचा पंचायत में जंगल का एक बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया है। इस बार भूस्खलन का दायरा काफी बढ़ गया है। इससे कायल और दयार के करीब 30 से 40 पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस घटना में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि जंगल में लंबे समय से जमीन खिसक रही है। इस बार बड़े इलाके में भूस्खलन होने से कई पेड़ उखड़कर नीचे गिर गए हैं। इससे वन क्षेत्र को भी काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश के दौरान यहां हालात और खराब होने की आशंका है। कई सालों से जमीन खिसक रही फांचा पंचायत के उपप्रधान सुभाष नेगी ने भूस्खलन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इलाके में कई सालों से जमीन खिसक रही है। वन विभाग को समय रहते संवेदनशील जगह पर चेक डैम बनाना चाहिए था। चेक डैम बनने से पानी के तेज बहाव को रोका जा सकता था और जंगल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता था। इलाके का जल्द निरीक्षण करने की मांग नेगी ने वन विभाग से इलाके का जल्द निरीक्षण करने और भूस्खलन रोकने के लिए चेक डैम सहित दूसरे सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। लोगों ने भी प्रशासन और वन विभाग से जल्द उचित कदम उठाने की अपील की है।
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रामपुर की फांचा पंचायत में भूस्खलन:40 पेड़ चपेट में आए, कई सालों से खिसक रही जमीन; इस बार ज्यादा नुकसान
