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पलवल के नेशनल हाईवे के पास अटोहा चौक पर पुलिस कमांडो टीम ने चेकिंग के दौरान काले शीशे और लाल-नीली बत्ती लगी कार पकड़ी। कार को देखकर पुलिस को शक हुआ तो उन्होंने ड्राइवर को रोककर पूछताछ शुरू की। ड्राइवर ने बताया कि उसने टोल टैक्स बचाने और रास्ते में VIP ट्रीटमेंट लेने के लिए कार पर लाल-नीली बत्ती लगाई थी। उसने इसी के साथ दावा करते हुए कहा- मेरे पापा दिल्ली में SDM के ड्राइवर हैं और वह इसी कार को चलाते हैं। इसी कारण इस पर लाल बत्ती लगी है। जब युवक से उसके पिता से बात करवाने को कहा गया तो पहले वो आनाकानी करने लगा। इसके बाद जब कमांडो टीम ने सख्ती दिखाई तो उसने फोन मिलाया, लेकिन कई बार डायल करने के बावजूद किसी ने फोन पिक नहीं किया। उधर, कमांडो टीम इसके बाद कार और ड्राइवर को सदर थाने ले गई। यहां पुलिस ने दस्तावेज न मिलने और लाल-नीली बत्ती को लेकर ₹15,500 का चालान कर कार इंपाउंड कर दी। जानिए कैसे खुद की बातों में फंसा ड्राइवर… काले शीशे और बत्ती देखकर रोकी कार कमांडो टीम शनिवार को शाम 5 बजे के करीब अटोंहा चौक पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर एक ऐसी कार पर पड़ी, जिसके शीशे काले थे और ऊपर लाल-नीली बत्ती लगी हुई थी। पुलिसकर्मियों ने कार (DL 5CY 0279) को रुकवाकर ड्राइवर से बत्ती लगाने और कार के इस्तेमाल के बारे में पूछताछ की। ड्राइवर की पहचान रविंदर कुमार निवासी महा लक्ष्मी एन्क्लेव, रावल नगर, साउथ-ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई। पिता को SDM का ड्राइवर बताया पूछताछ में रविंदर ने पुलिस को बताया कि उसके पिता विजय पाल दिल्ली में SDM के ड्राइवर हैं। उसने कहा कि वह अपने पिता की कार चलाता है। इसके बाद कमांडो टीम ने उससे पिता से फोन पर बात कराने को कहा, ताकि कार और बत्ती को लेकर उसके दावे की पुष्टि हो सके। कई बार फोन किया, लेकिन नहीं उठी कॉल पुलिस के मुताबिक, रविंदर ने अपने पिता को कई बार फोन किया, लेकिन किसी भी कॉल का जवाब नहीं मिला। कमांडो टीम ने करीब एक घंटे तक पिता की कॉल आने का इंतजार किया। पुलिसकर्मियों को उम्मीद थी कि पिता फोन पर बात कर कार और लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। हालांकि, काफी इंतजार के बाद भी उनकी ओर से कोई कॉल वापस नहीं आई। पहले टोल बचाने की बात, फिर गलती बताई पूछताछ के दौरान रविंदर ने कमांडो टीम को बताया कि वह लाल-नीली बत्ती लगाकर वृंदावन जा रहा था। उसके मुताबिक, बत्ती लगी होने से उसे रास्ते में VIP ट्रीटमेंट मिलने और टोल टैक्स से बचने की उम्मीद थी। बाद में उसने पुलिस को यह भी कहा कि उसने पहली बार कार पर इस तरह की बत्ती लगाई थी और यह सब गलती से हो गया। कार की तलाशी में नहीं मिला आपत्तिजनक सामान इसके बाद कमांडो टीम ने कार की तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक, कार के अंदर से किसी प्रकार का आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। इसके बावजूद काले शीशे और लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल को लेकर ड्राइवर से आगे पूछताछ की गई। पिता से संपर्क नहीं होने के बाद टीम कार को लेकर सदर थाना पहुंची। सदर थाने ले जाकर दस्तावेजों की जांच कमांडो टीम को लीड कर रहे राजकुमार के मुताबिक, करीब एक घंटे तक पिता की कॉल का इंतजार करने के बाद कार को सदर थाने ले जाया गया। वहां कार के दस्तावेज, काले शीशे और लाल-नीली बत्ती के इस्तेमाल की जांच की गई। पुलिस ने ड्राइवर के दावे की पुष्टि के लिए भी संपर्क करने का प्रयास किया। ₹15,500 का चालान कर कार इंपाउंड जांच के बाद पुलिस ने कार का ₹15,500 का चालान किया। इसके साथ ही कार को इंपाउंड कर दिया गया। कमांडो टीम लीड कर रहे राजकुमार ने बताया कि निजी वाहनों पर लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल नियमों के तहत मान्य नहीं है। इसी आधार पर ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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टोल बचाने को कार पर लगाई लाल-नीली बत्ती:बोला- मेरे पापा SDM के ड्राइवर, VIP ट्रीटमेंट चाहता था; पलवल में कमांडो टीम ने पकड़ा
