Headlines

चंडीगढ़ में आज सीरियल किलर मोनू को सजा:60 वर्षीय बुजुर्ग. 21 वर्षीय छात्रा, 40 साल की महिला का रेप कर मर्डर किया




चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू कुमार को तीसरे रेप और हत्याकांड में भी दोषी करार दिया है। इस बार अदालत ने उसे 60 वर्षीय महिला से रेप के बाद हत्या करने के मामले में दोषी ठहराया। मोनू के खिलाफ दर्ज 3 हत्याकांडों में यह तीसरा मामला है, जिसमें अदालत ने उसे दोषी करार दिया है। इससे पहले MBA की 21 वर्षीय छात्रा और एक 40 वर्षीय महिला की हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। जिला अदालत अब इस मामले में मोनू की सजा पर आज फैसला सुनाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की है। मोनू कुमार ने वर्ष 2024 में 60 वर्षीय महिला से रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में मोनू का नाम सामने आया था। गिरफ्तारी के बाद उसने 3 महिलाओं की हत्या करने की बात कबूली। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान जुटाए सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मोनू के खिलाफ सबूत पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया। वहीं, एक पुराने केस में सबूत न मिलने के कारण मोनू बरी हो चुका है। वे तीन मामले, जिनमें मोनू कुमार दोषी करार दिया गया MBA छात्रा की हत्या से खुला था सीरियल किलर का राज: वर्ष 2010 में सेक्टर-38 में 21 वर्षीय MBA छात्रा से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सामने आया था। वारदात के बाद छात्रा का शव सेक्टर-38 के पास सुनसान जगह पर मिला था। उसे पत्थरों से कुचलकर मारा गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन लंबे समय तक हत्यारे का पता नहीं चल सका। करीब 14 साल तक मामले में आरोपी की पहचान नहीं हो पाई थी। इसके बाद पुलिस ने जिला अदालत में इस मामले की अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। हालांकि, पुलिस ने जांच को पूरी तरह बंद नहीं किया था और मामले से जुड़े सबूत सुरक्षित रखे गए थे। पुलिस ने युवती के शरीर से सीमेन का सैंपल सुरक्षित रख लिया था। 2022 में ऑटो ड्राइवर की पत्नी की हत्या: वर्ष 2022 में भी उसने एक महिला को मारा था। मोनू ने पुलिस पूछताछ के दौरान मलोया निवासी एक ऑटो ड्राइवर की 40 वर्षीय पत्नी की हत्या करने की बात कबूली। पुलिस ने बताया कि घटना 11 जनवरी 2022 की रात की थी। महिला बाजार जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह घर नहीं लौटी। परिजन ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन महिला का शव उसके घर से कुछ दूरी पर मिला था। पुलिस ने इस मामले की जांच की, लेकिन हत्यारे का पता नहीं चला। 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला से किया रेप: फरवरी 2024 में एक 60 वर्षीय महिला का भी रेप किया। चंडीगढ़ के मालोया वन क्षेत्र में, सेक्टर-54 के पास इस वारदात को अंजाम दिया था। महिला सुनसान रास्ते से जा रही थी। मोनू ने उसे पकड़ लिया। रेप के बाद उसका गला घोंट दिया और मारपीट कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने महिला का मोबाइल फोन भी चुरा लिया और बेच दिया। मृतका चंडीगढ़ के मालोया इलाके की ही रहने वाली थी। इसी मामले में पुलिस की जांच के दौरान मोनू पकड़ा गया था और उसने तीनों रेप और मर्डर की वारदातों को कबूला। एक मामले में बरी हो चुका था मोनू के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2008 में आया जब 20 साल की उम्र में उसने हिमाचल के चंबा क्षेत्र में एक युवती के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी थी। वह उस दौरान ड्राइवरी सीख रहा था और अक्सर हिमाचल में जाता रहता था। वहीं, इसकी मुलाकात एक युवती से हुई थी और इसने उस युवती का अपहरण कर उसके साथ रेप किया। बाद में उसने युवती के सिर में नुकीले हथियार व पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में चंबा के खैरी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 302 व 364 का मामला दर्ज किया गया था। बाद में मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने पर रेप की धारा भी जोड़ दी गई थी। हिमाचल पुलिस ने इस मामले में आरोपी मोनू कुमार को गिरफ्तार किया था, लेकिन कोई पुख्ता सुबूत न होने के कारण वह 18 महीने के कोर्ट ट्रायल के दौरान बरी हो गया था। सीमेन सैंपल मैच होने पर पकड़ा गया था मोनू दरअसल, फरवरी 2024 में मालोया के जंगल में बुजुर्ग महिला की हत्या हुई। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 100 से ज्यादा संदिग्धों के DNA सैंपल लिए। जांच में मोनू कुमार का DNA 2010 में सुरक्षित किए गए सैंपल से मैच हो गया। इसके बाद 15 साल पुराने हत्या के मामले में मोनू तक पुलिस पहुंची। डड्डूमाजरा के पास शाहपुर कॉलोनी का रहने वाला मोनू कुमार अपनी पहचान छिपाकर रहता था। उसने आधार कार्ड और बैंक खाता तक नहीं बनवाया था। वह इंटरसिटी टैक्सी चलाता था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। मई 2024 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उससे पूछताछ हुई, जिसमें उसने तीनों रेप और मर्डर के खुलासे किए। गवाह मिटाने के लिए रेप के बाद पत्थर से कुचलकर हत्या करता था मोनू मोनू अकेली महिलाओं को सुनसान और जंगल वाले इलाकों में ले जाता था। वह मालोया और सेक्टर-38 के जंगल जैसे इलाकों में वारदात करता था। पुलिस के मुताबिक, वह नशे की हालत में वारदात करता था। दुष्कर्म के बाद वह महिलाओं का गला घोंटता था और सिर व शरीर पर पत्थर या किसी भारी चीज से वार करता था, जिससे महिलाओं की मौत हो जाती थी। दुष्कर्म के बाद पकड़े जाने के डर से वह उनकी हत्या कर देता था, ताकि कोई उसके खिलाफ गवाही न दे सके और उसकी पहचान सामने न आए। वह नशे का भी आदी था और वारदात के समय नशे में रहता था। हत्या के अलावा वह महिलाओं के मोबाइल फोन और दूसरी कीमती चीजें भी ले जाता था। 2 मामलों में उम्रकैद हो चुकी पुलिस ने पुराने मामलों की जांच कर वैज्ञानिक व अन्य सबूतों के आधार पर अलग-अलग मामलों को आगे बढ़ाया। इसके बाद मोनू को तीनों मामलों में दोषी करार दिया गया है। MBA छात्रा से रेप के बाद हत्या के मामले में मोनू को जिला अदालत ने 28 नवंबर 2025 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वहीं, 40 वर्षीय महिला के रेप और हत्या में अदालत ने मोनू को अगस्त 2026 में उम्रकैद की सजा के साथ 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अब 60 वर्षीय महिला से रेप और हत्या के मामले में मोनू को दोषी करार दिया गया है। इस पर 15 सितंबर को फैसला आना है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *