वॉशिंगटन1 घंटे पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च दूसरे देशों से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन देशों को अमेरिका को पैसा देना चाहिए, जिन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की मदद नहीं की।
ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई अभी भी जारी है। उनके मुताबिक, अमेरिका कई पीढ़ियों से अपने हितों की जगह दूसरे देशों के लिए ज्यादा काम करता रहा है।
ट्रम्प ने कहा, दुनिया के जिन देशों ने हमारी बिल्कुल मदद नहीं की, उन्हें इस संकट के खत्म होने पर अमेरिका को भुगतान करना चाहिए और वे ऐसा करेंगे।

ट्रम्प ने 7 देशों से मदद मांगी थी
रॉयटर्स के मुताबिक 16 मार्च 2026 को ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका ने हॉर्मुज की सुरक्षा के लिए 7 देशों से संपर्क किया। हालांकि उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताए थे।
इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने उम्मीद जताई थी कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन हॉर्मुज की सुरक्षा में अमेरिका का साथ देंगे।
ट्रम्प ने अमेरिका में महंगाई के लिए बाइडेन को जिम्मेदार बताया
ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर अमेरिका में बढ़ती कीमतों और तेल के दाम के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई के लिए उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है।

ट्रम्प बोले- ईरान जल्द समझौता करना चाहता है
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है और जल्द समझौता करने की कोशिश कर रहा है।
ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका ईरान से बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला वही करेंगे।
उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि हॉर्मुज से तेल की आवाजाही से जिन देशों को फायदा हो रहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा का खर्च भी उठाना चाहिए।

अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था
अमेरिकी सेना ने 8 सितंबर को ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था। इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं थीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया।
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में 10 जहाजों पर हमला करने का दावा किया था। इनमें 2 अमेरिकी जहाज और 8 तेल टैंकर शामिल थे। ईरान ने अमेरिका का एक सब-मरीन ड्रोन पकड़ने का दावा भी किया था।
हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही घटी
फिलहाल हॉर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन यहां जहाजों की आवाजाही सामान्य से काफी कम हो गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में सोमवार को सिर्फ 4 कमोडिटी जहाजों के हॉर्मुज से गुजरने की जानकारी दी गई, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 10 थी।
युद्ध शुरू होने से पहले इस रास्ते से रोजाना करीब 125 जहाज गुजरते थे। ये आंकड़े Kpler के शुरुआती शिप-ट्रैकिंग डेटा पर आधारित हैं। कुछ जहाज AIS बंद करके यहां से गुजर सकते हैं, इसलिए असल संख्या ज्यादा हो सकती है।
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