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मऊगंज में भारतीय किसान संघ ने मंगलवार शाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन अपर कलेक्टर पीके पांडे को दिया गया। संघ ने किसानों की अलग-अलग समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग करते हुए राज्य सरकार के लिए 37 और केंद्र सरकार के लिए 17 मांगें रखीं। फसल बीमा और सर्वे में पारदर्शिता की मांग संघ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावों के भुगतान में पारदर्शिता लाने की मांग की। फसल नुकसान का सही सर्वे कराने और सैटेलाइट सर्वे की जगह फसल कटाई प्रयोग शुरू करने की मांग भी रखी गई। केला और मिर्च की फसल को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग की गई। समर्थन मूल्य पर खरीदी और मंडियों में सुविधाएं ज्ञापन में सभी कृषि उपज मंडियों में किसानों की फसल समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग की गई। मंडियों में आधुनिक जांच और ग्रेडिंग मशीनें लगाने के साथ 10 टन क्षमता वाले बड़े तौल कांटे उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। संघ ने सोयाबीन, धान, मक्का, ज्वार और बाजरा की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी शुरू करने की मांग की। खाद की कमी और सब्सिडी का मुद्दा किसान संघ ने पिछले दो महीनों में रासायनिक खाद की कमी से किसानों को हुई परेशानी का मुद्दा उठाया। पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और एनपीके खाद पर डीएपी की तरह सब्सिडी देने की मांग की गई। ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे में बदलने की मांग किसानों ने बिजली और सिंचाई से जुड़ी समस्याएं भी ज्ञापन में शामिल कीं। जले हुए ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे में बदलने, अधिक लोड वाले ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने और ट्रांसफॉर्मर बैंक बनाने की मांग की गई। किसानों ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार कृषि पंपों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की मांग की। बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और नहरों की समय पर सफाई व मरम्मत कराने की मांग भी रखी। राजस्व मामलों के जल्द निराकरण की मांग संघ ने फौती नामांतरण तत्काल करने, खेतों के पारंपरिक रास्तों को नक्शे में दर्ज करने और पुराने नक्शों के आधार पर रिकॉर्ड सुधारने की मांग की। नामांतरण से जुड़ी समस्याओं का तय समय में निराकरण करने की मांग भी की गई। भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को पूरी जानकारी देने, आपत्तियों का निराकरण करने और उचित मुआवजा देने की मांग रखी गई। केंद्र सरकार से 17 मांगें केंद्र सरकार के नाम दिए गए ज्ञापन में कृषि आदान और कृषि यंत्रों से जीएसटी समाप्त करने, सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देने और जीएम फसलों पर रोक जारी रखने की मांग की गई। इसके अलावा किसान सम्मान निधि बढ़ाने और किसानों के लिए आसान कृषि ऋण की व्यवस्था करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
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भारतीय किसान संघ ने 37 मांगों का दिया ज्ञापन:खाद-बिजली और फसल बीमा का मुद्दा उठाया; स्थायी समाधान की मांग
