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रोपवे में फंसे यात्री, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू:रस्से और चेयर के जरिए सुरक्षित उतारा, नीमचमाता रोपवे पर किया मॉक ड्रिल




उदयपुर के नीमचमाता रोपवे पर सोमवार सुबह स्टेशन से मंदिर जा रही ट्रॉली बीच रास्ते में हवा में अटक गई। करीब 50 फीट ऊंचाई पर चार यात्री फंसने की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, पुलिस और रोपवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत यात्रियों को रस्सियों और विशेष चेयर की मदद से सुरक्षित नीचे उतारकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह वास्तविक हादसा नहीं बल्कि आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित प्रशासनिक मॉक ड्रिल थी। इस दौरान रोपवे में फंसने की स्थिति में रेस्क्यू प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया गया। 50 फीट ऊंचाई पर रोपवे में फंसे यात्री प्रशा​सनिक मॉक ड्रिल के तहत आज सुबह साढ़े आठ बजे बाद कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि नीमत माता स्थित रोप-वे में मंदिर जाते वक्त ट्राली केबिन बीच में ही अटक गए है और उनमें करीब चार यात्री हैं। यह रोपवे स्टेशन से करीब 200 मीटर की दूरी पर थे और नीचे जमीन से करीब 50 फीट ऊंचाई पर यात्री केबिन में फंसे हुए थे। ये रोप-वे 430 मीटर तक की यात्री यात्रा करते है। इसमें वे फतहसागर के सामने देवाली छोर से रोपवे में रवाना होते और पहाड़ी के टॉप पर स्थित नीमचमाता मंदिर जाकर माता के दर्शन करते और ऊपर से उदयपुर का नजारा देखते है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू इसके बाद मौके पर एनडीआरएफ 6 बटालियन बड़ौदा की टीम, ​एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, स्थानीय पुलिस पहुंची। सभी टीमों ने वहां पर दामोदर रोपवे की तकनीकी टीम के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले नीमचमाता मंदिर से नीचे के स्टेशन की तरफ जहां केबिन रुक गए थे उससे पहले के टावर से एक तकनीकी कर्मचारी पहुंचा और वहां से वह उस केबिन तक पहुंचा। इसके बाद नीचे से टीमों ने रस्सों के जरिए चेयर पहुंचाई। केबिन से रोपवे स्टाफ ने एक-एक कर यात्री को चेयर के जरिए नीचे भेजा। नीचे धीरे-धीरे रस्से को ढील दी और चेयर नीचे आई। नीचे की तरफ एनडीआरएफ, ​एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस की टीमों ने जाल बिछा रखा था। जैसे ही पहला यात्री नीचे आया उसे पानी पिलाया और उसके बाद उसे स्ट्रेच पर लिटाकर सीधे एंबूलेंस तक ले गए और वहां से अस्पताल पहुंचाया। इस तरह यात्रियों को नीचे सुरक्षित उतारा गया। मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ 6 बटालियन बड़ौदा की टीम जो इन दिनों उदयपुर आई हुई हैं उसके इंस्पेक्टर रंजीत पटेल, ​एसडीआरएफ उदयपुर के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह चुंडावत, सिविल डिफेंस उदयपुर के इंस्पेक्टर रवि शर्मा, अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह, फतहपुरा पुलिस चौकी से बजरंग सिंह, दामोदर रोपवे के महाप्रबंधक एम.के. बैग और स्थानीय प्रबंधक मनु जोशी आदि शामिल थे। रोपवे में अटक जाए तो ये सावधानी रखे यात्री अब तस्वीरों में देखें पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन…



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