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धौलपुर के राजाखेड़ा उपखंड की उप तहसील मरैना में आम रास्ते और सरकारी सिवायचक भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण के चलते राजस्व रिकॉर्ड में करीब 50 फीट चौड़ा दर्ज आम रास्ता कई जगह सिर्फ 10 फीट रह गया है। रास्ते पर दुकानें बनाकर किराए पर देने और सरकारी जमीन पर मकान बनाए जाने के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है। 50 फीट का रास्ता 10 फीट में सिमटा ग्रामीणों के मुताबिक, मरैना चौराहे से लाठ वाली माता मंदिर की ओर जाने वाला आम रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में करीब 50 फीट चौड़ा है। आरोप है कि जगह-जगह अतिक्रमण के कारण इसकी चौड़ाई घटकर करीब 10 फीट रह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर दुकानें बनाकर उन्हें किराए पर दिया गया है, जिससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बिजलीघर और मंदिर जाने का रास्ता भी प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि मरैना बिजलीघर की ओर जाने वाला रास्ता भी अतिक्रमण के कारण बाधित है। वहीं माता मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर कब्जे के चलते भारी वाहन और ट्रैक्टरों का निकलना मुश्किल हो गया है। रास्ते संकरे होने से यहां जाम की स्थिति भी बनती रहती है। सरकारी जमीन पर मकान बनाकर किराए पर देने का आरोप ज्ञापन में ग्रामीणों ने सरकारी सिवायचक भूमि पर भी कब्जे का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर मकान बनाकर उन्हें किराए पर दे रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, समय पर कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और अब आम रास्ते की जमीन भी इसकी चपेट में आ गई है। जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा ज्ञापन मिलने के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में मां रैहना वाली भक्त मंडली और मां लाठ वाली भक्त मंडली से जुड़े गिर्राज सिंह, प्रताप सिंह, रानू सिंह, सत्येंद्र सिंह, रामदत्त सिंह, मुन्नालाल, योगेश, गब्बर, महेश, विजयवीर, जगबीर, राकेश और गंभीर सिंह समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।
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मरैना में आम रास्ते, सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप:50 फीट का रास्ता सिमटा 10 फीट में सिमटा, ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
