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कोरबा में बालको नगर के शांतिनगर और रिंग रोड क्षेत्र में 15 साल से लंबित रोजगार, पुनर्वास और सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म हो गया है। तीखी बहस और चक्काजाम के बाद बालको प्रबंधन और प्रभावित परिवारों के बीच चर्चा हुई। इसमें 6 बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म कर दिया। दरअसल, बालको के कूलिंग टॉवर से प्रभावित शांतिनगर और रिंग रोड के निवासी काफी समय से पुनर्वास, रोजगार और इलाके के विकास की मांग कर रहे थे। मांगें पूरी न होने पर ग्रामीणों ने बालको के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था। कूलिंग टॉवर से प्रभावित 80 परिवारों के अलावा रिंग रोड व न्यू शांतिनगर निवासियों और बालको प्रबंधन के बीच सहमति वार्ता हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने लिखित सहमति पत्र पर दस्तखत किए। सहमति पत्र के अनुसार, कूलिंग टॉवर से प्रभावित 80 चिन्हित परिवारों के अलावा अन्य छूटे हुए परिवारों के लिए बालको प्रबंधन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा। रिंग रोड में राखड़ व कोल यार्ड और शांतिनगर में कूलिंग टॉवर से प्रभावित बचे हुए परिवारों को छत्तीसगढ़ भूमि अधिग्रहण पुनर्वास नीति के तहत अधिग्रहित किया जाएगा। इसके लिए प्रभावित इलाके का 15 दिन के भीतर सर्वे कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रभावित शांतिनगर और रिंग रोड के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार और ठेकेदारी में प्राथमिकता दी जाएगी। रिंग रोड में सड़क चौड़ीकरण और प्रकाश व्यवस्था 60 दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, बालको जोन कार्यालय से रिस्टा चौक तक बैरिकेडिंग मार्ग या डामरीकरण और नाली का निर्माण भी 60 दिन में कराया जाएगा। बालको प्लांट के पास स्थित शांतिनगर बस्ती का सीएसआर फंड के तहत हर साल सही तरीके से विकास कार्य कराया जाएगा। इस सहमति के बाद इलाके के लोगों में खुशी है। ग्रामीणों ने कहा कि 15 साल बाद उनकी बात सुनी गई है। अब उन्हें उम्मीद है कि प्रबंधन अपने वादे समय पर पूरे करेगा। इस आंदोलन के दौरान बालको थाना प्रभारी युवराज तिवारी अपने स्टाफ के साथ मौजूद थे।
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बालको प्रबंधन और शांतिनगर वासियों में 6 बिंदुओं पर सहमति:15 साल से लंबित रोजगार-पुनर्वास का हल निकला, चक्काजाम खत्म
