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यमुनानगर मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर तीन सितंबर को ट्रांसपोर्टर एवं फाइनेंसर हरभजन सिंह की गोलियां मारकर हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य शूटरों तक पहुंचने की कोशिश में है। इस मामले में 10 सितंबर को गांव महलांवाली के पास पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए दोनों बदमाशों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है। दोनों के खिलाफ थाना छप्पर में पुलिस टीम पर फायरिंग और मुठभेड़ का केस दर्ज है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान कुरुक्षेत्र के हरियापुर निवासी 18 वर्षीय आर्यन उर्फ नानी और कैग कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय राकेश कुमार के रूप में हुई है। जांच में दोनों की भूमिका केवल वारदात के बाद मदद करने तक सीमित नहीं मिली है, बल्कि पुलिस को उनके द्वारा हत्या से पहले हरभजन सिंह की रेकी करने, उनकी कार में जीपीएस चिप लगवाने और मुख्य शूटरों को हथियार व कारतूस उपलब्ध कराने के इनपुट मिले हैं। 31 अगस्त को ही यमुनानगर पहुंच गए थे दोनों पुलिस जांच में सामने आया है कि आर्यन और राकेश मुख्य शूटरों के साथ 31 अगस्त को ही यमुनानगर पहुंच गए थे। यहां दोनों अलग-अलग होटलों में ठहरे। पुलिस के अनुसार इससे पहले भी दोनों यमुनानगर आए थे। इसी दौरान हरभजन सिंह की गतिविधियों पर नजर रखकर उनकी रेकी की गई और उनकी कार में जीपीएस चिप लगवाई गई। जीपीएस के जरिए हरभजन सिंह की कार की लोकेशन पर नजर रखी जाती थी। रेकी से मिली जानकारी और जीपीएस लोकेशन के आधार पर मुख्य शूटरों को हरभजन सिंह की गतिविधियों की जानकारी मिलती रही। पुलिस की जांच के मुताबिक इसी नेटवर्क के जरिए तीन सितंबर को मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर हरभजन सिंह को निशाना बनाया गया। शूटरों तक हथियार और कारतूस भी पहुंचाए जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि आर्यन और राकेश ने वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की मदद की थी। आरोप है कि दोनों ने शूटरों को हथियार और कारतूस उपलब्ध कराए। इसके अलावा उनके ठहरने और आने-जाने की व्यवस्था में भी सहयोग किया गया। पुलिस अब रिमांड के दौरान दोनों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार और कारतूस उन्हें किससे मिले, जीपीएस चिप कहां से खरीदी गई, इसे हरभजन सिंह की कार में किसने लगाया और हत्या की साजिश में इन दोनों के अलावा कौन-कौन लोग शामिल थे। काला राणा गिरोह से जुड़ा है नेटवर्क पुलिस जांच में आर्यन और राकेश के काला राणा गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े करनाल के गांव ओगंद निवासी अरविंद उर्फ गिल्ली राणा ने दोनों को इस वारदात में शामिल होने के लिए तैयार किया था। अब पुलिस इस कड़ी को मुख्य शूटरों तक पहुंचने के लिए खंगाल रही है।
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यमुनानगर हरभजन हत्याकांड:अस्पताल से छुट्टी मिलते ही रिमांड पर लिए बदमाश, कारतूस देने से लेकर रेकी और जीपीएस लगाने तक में मदद का आरोप
