- Hindi News
- National
- Semicon India 2026 Delhi | PM Modi Inauguration Semiconductor Chip Event
नई दिल्ली2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

पीएम मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें एडिशन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के प्लांट्स से निकलने वाली चिप्स अब दुनिया भर में पहुंच रही हैं। किसी भी देश के लिए इतने कम समय में इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर ऐसा नहीं है कि फैक्ट्री लगाई और काम पूरा हो गया। टेक्नोलॉजिकल कैपेबिलिटी विकसित करने में दशकों लगते हैं। भारत ने इंडस्ट्री के सहयोग से चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग कैपेबिलिटी पर एक साथ काम किया और सफलता हासिल की।
पीएम मोदी ने 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन से जोड़ते हुए कहा कि देश इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कमिटमेंट के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने हाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट, करीब 3 हजार किमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ऑपरेशनल होने और 7.8% GDP ग्रोथ का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत की इकोनॉमी बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है। BRICS समिट में सर्वसम्मति से दिल्ली डिक्लेरेशन पारित होना इसका एक उदाहरण है। पीएम ने कहा कि भारत की इन उपलब्धियों के बीच सेमीकॉन इंडिया का आयोजन और भी अहम हो जाता है।

52 देशों की 600 कंपनियां और प्रतिनिधि होंगे शामिल
इस बार सेमीकॉन इंडिया में 600 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हैं। 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल भी कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन होंगे। कई भारतीय राज्यों के पवेलियन भी यहां लगाए जाएंगे।
भारत में अब तक 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत अब तक 12 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।
सरकार के मुताबिक, इनमें से पहले चरण में मंजूर तीन इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है।
केंद्र ने कार्यक्रम के अगले फेज सेमीकॉन 2.0 को भी मंजूरी दी है। इसका फोकस देश में सेमीकंडक्टर से जुड़े इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने पर है।

चिप डिजाइन पर भी फोकस
सरकार के मुताबिक, 400 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन यानी ईडीए टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके अलावा 24 स्टार्टअप्स को डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव यानी डीएलआई योजना के तहत मंजूरी मिली है। इससे देश में चिप डिजाइन और इससे जुड़ी तकनीक पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां पहुंचेंगी?
सेमीकॉन इंडिया में एएसएमएल, एप्लाइड मैटेरियल्स, टेराडाइन, इन्फिनियन, एनएक्सपी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रॉन, लैम रिसर्च, सीजी पावर, एडवांटेस्ट और टोक्यो इलेक्ट्रॉन समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल होंगी।
इन कंपनियों के बीच निवेश, तकनीक और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। आयोजन में नई कारोबारी साझेदारियों और सहयोग के अवसर भी तलाशे जाएंगे।
भारत के लिए सेमीकंडक्टर जरूरी क्यों
सेमीकंडक्टर की बढ़ती जरूरत को देखते हुए भारत चिप डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक अपनी क्षमता विकसित कर रहा है।
इससे चिप की सप्लाई के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने और देश में इस क्षेत्र से जुड़े कारोबार और तकनीक को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

