Headlines

पंजाब में यूथ लीडर्स की टीम बनाएंगे सचिन पायलट:एक-एक विधानसभा क्षेत्र में नेताओं की सक्रियता का रिव्यू; सेकेंड लाइन लीडर्स पर भी नजर




पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट का पूरा फोकस अब विधानसभा चुनाव 2027 पर है। सचिन पायलट पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर नेताओं की सक्रियता का रिव्यू करेंगे। सचिन पायलट की नजरें अब पंजाब के एक्टिव यूथ लीडर्स पर हैं, वे जल्दी ही यूथ लीडर्स की एक टीम बनाने जा रहे हैं। यूथ नेताओं की टीम बनाने के लिए उन्होंने पंजाब में एक्टिव यूथ लीडर्स की लिस्ट बनानी शुरू कर दी है। वो यूथ लीडर्स को इलेक्शन के लिए बाकायदा ट्रेनिंग देकर तैयार करेंगे सचिन पायलट पंजाब के सक्रिय यूथ लीडर्स को एक-एक करके दिल्ली बुलाएंगे और उन्हें अपनी टीम में शामिल करेंगे। पायलट पूरी स्ट्रैटेजी तैयार करके यूथ लीडर्स की टीम के साथ खुद फील्ड में उतरेंगे। पायलट को हाईकमान यानी राहुल गांधी से इस बात के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के हर फैसले के लिए सचिन पायलट को पूरी पावर दे दी है। सचिन पायलट को राहुल गांधी ने जो फ्री हैंड दिया है, उसका नतीजा यह रहा कि 15 सितंबर के धरने में सभी गुटों के नेता व समर्थक एक साथ नजर आए। यही पायलट पंजाब के लीडर्स को यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि पंजाब कांग्रेस चुनाव तक हाईकमान ही चलाएगी। पंजाब के किसी नेता को भी फ्री हेंड नहीं होगा। पंजाब कांग्रेस को लेकर सचिन पायलट की रणनीति, जानिए…
सचिन पायलट ने राजा वड़िंग व चन्नी से की बंद कमरे में बैठक पंजाब में गुटबाजी को खत्म करने के लिए सचिन पायलट, राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के साथ बंद कमरे में बैठक कर चुके हैं। सचिन पायलट ने दोनों नेताओं से साफ कह दिया कि अगर किसी ने भी गुटबाजी को हवा दी, तो हाईकमान कठोर फैसले लेगा। उन्होंने दोनों नेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी कि हाईकमान पंजाब की गतिविधियों पर करीबी नज़र रखे हुए है और ऐसा न हो कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं पर सख्त कार्रवाई करनी पड़े। 2027 के लिए जमीनी रणनीति और संगठन का पुनर्गठन पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियों की गति तेज कर दी है। पार्टी का मुख्य ध्यान अब केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ को मजबूत करने पर केंद्रित हो गया है। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट वरिष्ठ नेतृत्व से संवाद साधने के बाद अब सीधे युवा और ज़मीनी कार्यकर्ताओं से संपर्क साध रहे हैं। पायलट की इस पूरी कसरत का मुख्य उद्देश्य ऐसे जुझारू नेताओं को पहचानना है जो न केवल पार्टी के सिद्धांतों के प्रति वफादार हैं, बल्कि अपने क्षेत्रों में जनता के साथ सीधा जुड़ाव रखते हैं और चुनाव जीतने का माद्दा रखते हैं। आने वाले दिनों में पायलट दिल्ली और चंडीगढ़ में मैराथन बैठकों का दौर शुरू करने वाले हैं, जिसमें प्रदेश के सभी हलकों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *