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जामताड़ा के तेतरियाटांड़ में पुल नहीं; ग्रामीण परेशान:स्कूल के लिए चलना पड़ता है 7 किमी, निर्माण के लिए विधायक की नहीं मिली है अनुशंसा




जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड की मदनाडीह पंचायत के तेतरियाटांड गांव के आदिवासी नीचे टोला के ग्रामीण जोरिया नदी पर पुल और अप्रोच सड़क निर्माण की मांग को लेकर लंबे समय से प्रयासरत हैं। पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए करीब सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बन जाने से यह दूरी घटकर महज दो किलोमीटर रह जाएगी। इससे आवागमन आसान होने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी सुविधा होगी। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की व्यवस्था है। इसके बाद बच्चों को पबिया या जामताड़ा सदर प्रखंड के सोनबाद स्थित हाई स्कूल जाना पड़ता है। बरसात में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि सोनबाद का हाई स्कूल गांव से एनएच-419 के पास करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। इस कारण गांव के कई बच्चे वहीं पढ़ाई करते हैं। हालांकि बरसात के दिनों में जोरिया नदी का जलस्तर बढ़ जाने के बाद सीधे रास्ते से स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बच्चों को करीब सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्हें बरसात के दौरान नदी पार करने में सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है। ग्रामीण नवकिशोर भंडारी ने बताया कि दो साल से अधिक समय से जनप्रतिनिधियों से पुल और अप्रोच सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। एक सितंबर 2026 को उपायुक्त आलोक कुमार के जनता दरबार में भी लिखित आवेदन दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन दिए 15 दिन बीतने के बाद भी निर्माण की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। मंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई ग्रामीणों के अनुसार तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री इरफान अंसारी ने मामले की जांच कराने और डीपीआर तैयार कराने की बात कही थी। इसके बावजूद अब तक पुल निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। गांव के वार्ड सदस्य ने बताया कि पुल और अप्रोच सड़क के लिए तेतरियाटांड़ और सोनबाद के किसानों ने राज्यपाल के नाम जमीन दान कर दी है। ग्रामीणों ने जामताड़ा के विधायक सह मंत्री इरफान अंसारी से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल बनने से न सिर्फ ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी बड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान ग्रामीण प्रदीप मुर्मू, संदीप मुर्मू, सूरज मुर्मू, जितने मुर्मू और चमेली मुर्मू मौजूद थे। विधायक की अनुशंसा नहीं मिलने से योजना अटकी ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता रमाकांत ने बताया कि उपायुक्त के जनता दरबार में आवेदन मिलने के बाद ग्रामीणों की ओर से जमा कराए गए कागजात की जांच की गई है। जमीन राज्यपाल के नाम दान की गई है, लेकिन विधायक की अनुशंसा अभी प्राप्त नहीं हुई है। अनुशंसा मिलने के बाद योजना पर तेजी से काम किया जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में विधायक की अनुशंसा की सीमा 10 करोड़ रुपए है। जामताड़ा विधायक की ओर से अब तक 10 करोड़ रुपए से अधिक की अनुशंसा हो चुकी है, जिससे इस योजना की स्वीकृति में समस्या आ रही है। विशेष प्रमंडल में जामताड़ा विधायक की चार, नाला विधायक सह विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की चार, सारठ विधायक की एक और सांसद की दो योजनाओं समेत कुल 11 योजनाओं की स्वीकृति प्रस्तावित है। विभाग के अनुसार इन सभी योजनाओं का डीपीआर तैयार है।



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