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धमतरी में गणेशजी को लेटे हनुमान जी का स्वरूप:रोजाना आरती के बाद हनुमान चालीसा, श्रद्धालु कर रहे परिक्रमा,सेल्फी लेते दिख रहे लोग




गणेशोत्सव के दौरान इस बार धमतरी में भगवान गणेश की एक अनोखी प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रायपुर रोड स्थित लालबगीचा मोड़ पर विघ्नहर्ता साम्राज्य गणेशोत्सव समिति ने करीब 20 फीट लंबी लेटे हुए स्वरूप की गणेश प्रतिमा स्थापित की है। आमतौर पर बैठे या खड़े स्वरूप में दिखाई देने वाले गणेशजी को यहां लेटे हुए रूप में देखकर श्रद्धालु भी हैरान हैं। प्रयागराज की लेटी हुई हनुमान प्रतिमा से प्रेरणा समिति के सदस्यों के मुताबिक, प्रतिमा का स्वरूप प्रयागराज में गंगा नदी में बाढ़ के दौरान चर्चा में आई लेटी हुई हनुमानजी की प्रतिमा से प्रेरित है। उस समय हनुमानजी की प्रतिमा पानी के बीच भी अपने स्थान पर टिकी रही थी। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे थे। इसी थीम को ध्यान में रखते हुए इस बार धमतरी में भगवान गणेश की प्रतिमा को लेटे हुए स्वरूप में स्थापित किया गया है। तीन महीने पहले से चल रही थी तैयारी समिति के सदस्यों ने बताया कि विघ्नहर्ता साम्राज्य गणेशोत्सव समिति करीब 12 साल से गणेशजी की स्थापना कर रही है। समिति में ज्यादातर युवा सदस्य हैं और हर साल कुछ अलग करने की कोशिश की जाती है। इस बार भी करीब तीन महीने पहले से तैयारी शुरू कर दी गई थी। समिति के सदस्यों के बीच चर्चा के बाद प्रयागराज की थीम पर कुछ नया करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद गणेश चतुर्थी के लिए लेटे हुए हनुमानजी के स्वरूप से प्रेरित होकर गणेशजी की प्रतिमा तैयार कराई गई। सुबह-शाम हनुमान चालीसा और मंत्रोच्चार पंडाल में सुबह और शाम हनुमान चालीसा, मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा की जा रही है। विशेष स्वरूप वाली गणेश प्रतिमा को देखने के लिए शहर के साथ आसपास के इलाकों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पंडाल में आने वाला लगभग हर श्रद्धालु भगवान गणेश के साथ फोटो और सेल्फी लेता नजर आ रहा है। सुबह से देर शाम तक यहां भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। ‘प्रयागराज जाना संभव नहीं, यहीं दर्शन हो रहे’ श्रद्धालुओं का कहना है कि हर किसी के लिए प्रयागराज जाकर लेटी हुई हनुमानजी की प्रतिमा के दर्शन करना संभव नहीं है। ऐसे में धमतरी में उसी थीम से प्रेरित गणेशजी का स्वरूप देखने का अवसर मिल रहा है। यही वजह है कि लोगों में इस प्रतिमा को लेकर खास उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंच रहे हैं। हर साल कुछ अलग करने की कोशिश समिति के सदस्यों के अनुसार, हर साल पंडाल की सजावट या गणेश प्रतिमा के स्वरूप में कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है। इस बार 20 फीट लंबे लेटे हुए गणेशजी का स्वरूप ही आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। समिति का कहना है कि इस तरह की अलग थीम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को नया अनुभव देना और गणेशोत्सव को यादगार बनाना है।



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