![]()
हिमाचल प्रदेश में पैर पसार चुके नशा माफिया और घातक ‘चिट्टा’ नेटवर्क के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़े और निर्णायक अभियान का शंखनाद कर दिया है। सोमवार को धर्मशाला में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता व पूर्व
.
केवल कानून से नहीं, ‘जन आंदोलन’ से मरेगा नशा
भाजपा नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस, अदालतों या कागजी कानूनों के भरोसे नहीं जीता जा सकता। इस सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
राजिंदर राणा व सुधीर शर्मा ने कहा कि जब तक महिला मंडल, युवक मंडल, सामाजिक संस्थान, शिक्षण संस्थान और अभिभावक खुद आगे आकर एकजुट नहीं होंगे, तब तक इस जाल को तोड़ना मुमकिन नहीं है। हमें इसे हर घर, हर गांव तक पहुंचाकर एक व्यापक ‘जन आंदोलन’ का रूप देना होगा।
PIT-NDPS एक्ट के तहत तस्करों की संपत्तियां ढहाने की मांग
नशा तस्करों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार से ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन अपराधियों ने राज्य के युवाओं के भविष्य और उनके जीवन की कीमत पर अपने अवैध आर्थिक साम्राज्य खड़े किए हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए।
नेताओं ने मांग की कि सरकार PIT-NDPS एक्ट (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत ऐसे तस्करों की संपत्तियों को केवल कागजों पर कुर्क न करे, बल्कि उन्हें भौतिक रूप से ध्वस्त (बुलडोज) भी करे। उनका तर्क था कि जब तक इस माफिया की आर्थिक कमर नहीं तोड़ी जाएगी, तब तक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के भीतर कानून का खौफ पैदा नहीं होगा।
व्यवस्था में बैठे ‘काली भेड़ों’ को तुरंत बर्खास्त करे सरकार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेताओं ने हाल ही में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नशे के काले कारोबार में संलिप्तता सामने आने पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन कंधों पर समाज को सुरक्षा देने और कानून लागू करने की जिम्मेदारी है, यदि वही लोग इस नशा आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) का हिस्सा बन जाएंगे, तो स्थिति बेहद भयावह हो जाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार से पुरजोर मांग की कि पुलिस और प्रशासन के भीतर बैठे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को बिना किसी लंबी विभागीय जांच के, तुरंत सेवा से बर्खास्त किया जाए।
राजनीति से ऊपर उठकर एक मंच पर आने का आह्वान
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस लड़ाई को अंतिम छोर तक लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से अपनी राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर इस गंभीर मुद्दे पर एक साझा मंच पर आने का आह्वान किया, ताकि हिमाचल के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
