![]()
बरनाला में गैर-शैक्षणिक कामों के विरोध में अध्यापकों ने डीसी दफ्तर पर प्रदर्शन किया। संयुक्त शिक्षक मोर्चे के आह्वान पर अध्यापकों ने लगातार दूसरे दिन जिला प्रशासनिक परिसर में मान सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि अगर शिक्षक दिनभर राशन कार्डों की जांच में लगे रहेंगे, तो कक्षाओं में बच्चों का भविष्य कौन संवारेगा? उन्होंने कहा कि इन कामों से स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों से करवाए जा रहे हैं गैर-शैक्षणिक काम
मोर्चा नेताओं राजीव कुमार, परमिंदर सिंह, जसवीर सिंह बीहला और तेजिंदर तेजी ने कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने शिक्षकों को सिर्फ पढ़ाने का काम देने का भरोसा दिया था। ‘शिक्षा क्रांति’ के दावों के बावजूद शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक काम करवाए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि पराली की निगरानी, बीएलओ, जनगणना, तीर्थ बसों की व्यवस्था और हेल्थ कार्ड बनाने के बाद अब अध्यापकों को घर-घर जाकर राशन कार्डों की जांच का अतिरिक्त काम सौंप दिया गया है। नेताओं ने साफ किया कि इन कामों के कारण स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह रुक रही है और गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इन आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए, नहीं तो वे तालाबंदी करेंगे।
Source link
गैर-शैक्षणिक ड्यूटियों से नाराज अध्यापकों ने किया प्रदर्शन:बोले- 'कलम छोड़ राशन कार्ड गिनें क्या शिक्षक?', आदेश रद्द नहीं हुए तो करेंगे तालाबंदी
