बिलासपुर (छत्तीसगढ़)18 मिनट पहले
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इससे हर साल एक करोड़ की आय होगी
बिलासपुर शहर का पहला सर्वसुविधायुक्त कन्वेंशन सेंटर अब भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। 28 जून को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहर के अधूरे विकास कार्यों का निरीक्षण कर उन्हें समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद अब नगर निगम कमिश्नर और बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एमडी प्रकाश कुमार सर्वे ने कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर का निरीक्षण कर ठेकेदार को 30 सितंबर तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक सेंटर में अंतिम चरण का काम और फिनिशिंग जारी है।

शैक्षणिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
स्मार्ट सिटी के कई प्रोजेक्ट अभी भी अधूरे
स्मार्ट सिटी योजना के तहत बिलासपुर में शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट तय समय के बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। अधूरे कार्यों में कन्वेंशन सेंटर (29.51 करोड़ रुपए), एसटीपी मंगला 10 एमएलडी (12 करोड़ रुपए), ऑटोमेटेड मल्टीलेवल कार पार्किंग (12.60 करोड़ रुपए), रिवर व्यू रोड सरकंडा और शनिचरी (150 करोड़ रुपए), कोनी-मंगला रोड (22.54 करोड़ रुपए) और तालापारा तालाब सौंदर्यीकरण (19.33 करोड़ रुपए) शामिल हैं।
28 जून के निरीक्षण के दौरान भी कन्वेंशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग और एसटीपी समेत कई निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई थी। निगम प्रशासन ने समय पर काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही थी।

28 जून को डिप्टी CM अरुण साव ने किया था निरीक्षण
समय सीमा निकलने के बाद भी काम में देरी
अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर ठेकेदारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई ठेकेदार कम दर पर काम हासिल करने के बाद निर्माण में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाते। डेडलाइन निकलने के बाद भी निगम की ओर से जारी नोटिसों का समय पर जवाब नहीं मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
काम में देरी पर पेनाल्टी का प्रावधान होने के बावजूद निर्माण की रफ्तार को लेकर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में इन प्रोजेक्ट्स का लाभ आम लोगों तक पहुंचने में लगातार देरी हो रही है।

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कन्वेंशन सेंटर में ‘कुर्सियों’ पर भी उठा था सवाल
कन्वेंशन सेंटर में लागत बढ़ाने के लिए सिटिंग अरेंजमेंट में बदलाव के प्रस्ताव को लेकर भी चर्चा रही। स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक (तकनीकी) एसपी साहू के मुताबिक, पूर्ववर्ती शासनकाल में ऑडिटोरियम में 650 की जगह 1000 कुर्सियां लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। उनका कहना है कि यह बदलाव मूल डिजाइन में शामिल नहीं था, इसलिए स्मार्ट सिटी ने इसे अस्वीकृत कर दिया।
एक ही परिसर में कई सुविधाओं की योजना
स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक के मुताबिक कन्वेंशन सेंटर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक ही परिसर में शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित हो सकें। भवन के संचालन और संधारण के लिए अलग से फंड का दबाव कम करने के उद्देश्य से दुकानों और हॉल का किराया तय किया जा रहा है। इससे करीब 1 करोड़ रुपए सालाना आय होने का अनुमान है।

नालंदा परिसर की भी लगातार मॉनिटरिंग
कन्वेंशन सेंटर : एक नजर में
- ग्राउंड फ्लोर: 16 दुकानें
- फर्स्ट फ्लोर: 16 दुकानें, कार्यालय आदि के लिए जगह
- सेकेंड फ्लोर: 500 सीटर लाइब्रेरी
- थर्ड फ्लोर: 650 सीटर ऑडिटोरियम
कन्वेंशन सेंटर करीब 29.51 करोड़ रुपए की लागत से कोनी क्षेत्र में बनाया जा रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार इसका अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम चल रहा है।
नालंदा परिसर का भी निरीक्षण
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने मधुबन में निर्माणाधीन नालंदा परिसर और एकेडमिक ब्लॉक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी और इंजीनियरों को कार्य की लगातार मॉनिटरिंग करने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने निर्माण की प्रगति पर नियमित नजर रखने को कहा, ताकि परियोजना समय-सीमा के भीतर पूरी हो सके।

